अलीपुर दरौना में लगी चौपाल में मौजूद बालिकाएं। -संवाद
बहराइच। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर शनिवार को पंचशील डेवलपमेंट ट्रस्ट द्वारा कटान प्रभावित फखरपुर ब्लॉक के अलीपुर दरौना गांव में चौपाल लगाई गई। इसमें कई बेटियों ने बताया कि घर नदी में कट गया, लेकिन माता-पिता के सहयोग से वह शिक्षित होकर वकील बन गईं। कुछ और बेटियां स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। चौपाल में बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने के उपायों पर चर्चा की गई।
अलीपुर दरौना गांव बेलहा-बेहरौली तटबंध और सरयू नदी के बीच में बसा हुआ है, जो प्रत्येक वर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है। यहां जीवनयापन बहुत चुनौती पूर्ण होता है। चौपाल में सिलौटा की किरन ने बताया कि उनका घर नदी में कट जाने के बावजूद माता-पिता ने उन्हें पढ़ने का अवसर दिया, जिससे वह वकालत की पढ़ाई पूरी कर सकीं।
इसी गांव की सोनी गौतम, पिंकी गौतम और अंजलि गौतम ने कहा कि वह स्नातक स्तर की पढ़ाई कर रही हैं और उनके इन प्रयासों से पूरे गांव में पढ़ाई का माहौल बदला है।
ट्रस्ट के निदेशक ध्रुव कुमार ने बताया कि बालिकाओं को बेहतर और अच्छी शिक्षा देकर उन्हें परिवार के साथ-साथ गांव और समाज का नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित करना बहुत जरूरी है। चौपाल में 40 से अधिक बालिकाएं व किशोरियों के अतिरिक्त ट्रस्ट की श्यामा देवी, रामतेज यादव तथा मगन कश्यप आदि उपस्थित रहे।