भारत के रास्ते कुवैत ले जाई जा रहीं दो युवतियों को नोमेंस लैंड पर जांच के दौरान नेपाल पुलिस ने पकड़ लिया। उन्हें कुवैत में बेहतर नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। पकड़ी गई युवतियों की निशानदेही पर नेपाल पुलिस ने भारतीय पुलिस के सहयोग से रुपईडीहा रोडवेज बस अड्डे से एक मानव तस्कर को भी दबोच लिया। युवतियों को नेपाल की साना हाथ संस्था को सौंप दिया गया है, जबकि पकड़े मानव तस्कर को जेल भेज दिया गया है।
भारत-नेपाल की खुली सीमा मानव तस्करों को रास आ रही है। बुधवार को सुबह दो युवतियां भारत-नेपाल सीमा पर पहुंचीं। वह जब नोमेंस लैंड पर स्थित जमुनहा पुलिस चौकी पर तलाशी के लिए पहुंचीं तो वहां तैनात महिला सुरक्षा कर्मियों को कुछ शक हुआ।
पूछताछ में एक युवती ने बताया कि उनके पति लखनऊ में भर्ती हैं। उनकी देखरेख में लखनऊ जा रही हैं। जब सुरक्षाकर्मियों ने पति का मोबाइल नंबर देने को कहा तो युवतियां किनारा कसने लगीं। इस पर उन्हें पकड़ लिया गया। जमुनहा इलाका प्रहरी कार्यालय के इंचार्ज प्रमोद कुमार छेत्री ने जब दोनों युवतियों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने एक युवक के सहयोग से कुवैत जाने की बात स्वीकारी। हालांकि तलाशी में युवतियों के पास पासपोर्ट वीजा नहीं मिला।
युवतियों ने बताया कि पासपोर्ट और वीजा लेकर एक युवक भारतीय क्षेत्र में रुपईडीहा रोडवेज बस अड्डे पर इंतजार कर रहा है। इस पर चौकी इंचार्ज ने रुपईडीहा थानाध्यक्ष राजेश सिंह को मामले से अवगत कराया। भारतीय पुलिस के सहयोग से रोडवेज बस अड्डे से युवतियों द्वारा बताए गए युवक को पकड़ा गया। उसकी पहचान शोभाराम खत्री निवासी कोहलपुर वार्ड नंबर 21 के रूप में हुई। उसे भी नेपाल सीमा में लाया गया। उसने बताया कि युवतियों को कुवैत में नौकरी दिलाने के बहाने वह ले जा रहा था। शोभा ने अपने गैंग से जुड़े कुछ और लोगों के नाम का खुलासा किया है।
इंचार्ज ने कहा कि दोनों युवतियां कचनापुर जिले की निवासी बताई जाती हैं। संस्था के स्टेशन मैनेजर अंबिका का कहना है कि दोनों युवतियों की काउंसलिंग की जा रही है। उनके परिवारीजनों को बुलवाया गया है। वहीं, पकड़ी गईं युवतियों ने बताया कि वह सभी चार साल पूर्व काठमांडू एयरपोर्ट से कुवैत गई थी। लेकिन उस समय बेहतर काम नहीं मिल सका था। इस बार शोभाराम ने अच्छी नौकरी दिलाने की बात कही थी।