खैरीघाट थाना क्षेत्र के बौंडी गांव में गुरुवार की रात द्वार पर सो रहे ग्रामीण को कुछ लोगों ने अगवा कर पीटा। फिर उसकी हत्या कर शव बाग में आम के पेड़ से लटका दिया। सुबह परिवारीजनों को सूचना मिलने पर कोहराम मच गया। मामला जमीन की रंजिश का बताया जा रहा है। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर बांस के तीन फट्टे मिले हैं। मौके पर घसीटने के भी निशान हैं।
खैरीघाट थाना क्षेत्र के बौंडी गांव निवासी जिमींदार (45) पुत्र मूले का जमीन का विवाद पड़ोसी गांव डल्लापुरवा निवासी कुछ लोगों से चल रहा था। बीते रविवार को विपक्षियों ने जिमींदार के घर पर आकर उसे जानमाल की धमकी भी दी थी।
इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी। ग्रामीणोें ने मामला शांत करा दिया था। विपक्षी देख लेने की धमकी देकर चले गए थे। गुरुवार की रात जिमींदार द्वार पर चारपाई डालकर सो रहा था, लेकिन रात करीब दो बजे वह अचानक लापता हो गया। पास में सो रहा जिमींदार का बेटा ढाई बजे जगा तो उसने समझा कि पिता जिमींदार नित्यक्रिया के लिए गए होंगे।
सुबह काफी देर तक जिमीदार के न लौटने पर खोजबीन शुरू हुई। इसी दौरान गांव से आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित उमासरन के बाग में जिमींदार का शव आम के पेड़ से लटकने की सूचना मिली। इससे घर में कोहराम मच गया। परिवारीजन मौके पर पहुंचे। फांसी के फंदे से लटक रहे जिमीदार का पैर जमीन से छू रहा था।
शरीर पर चोटों के निशान थे। बाग के बाहर खेत में संघर्ष और घसीटने के भी निशान मिले। उसकी चप्पल अलग-अलग दिशा में पड़ी मिली। जिससे लग रहा था कि अगवा कर जिमींदार की हत्या कर आत्महत्या का रूप देने के लिए शव पेड़ से लटकाया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के भाई कृपाराम की तहरीर पर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
जिमींदार की मां फूलमती बेटे की मौत के बाद बदहवास है। उनका कहना है कि रविवार को कुछ लोगों ने घर आकर धमकी दी थी उन्हीं सबने बेटे को अगवा कर उसकी हत्या करने के बाद शव को पेड़ से लटका दिया।
जिमींदार को 20 वर्ष पूर्व पांच बीघा जमीन का पट्टा मिला था। पट्टे की यह जमीन बीते दिनों जिमींदार ने गांव निवासी नगीना को बेच दी थी। जबकि जमीन को डल्लापुरवा गांव के कुछ लोग खरीदना चाहते थे। जमीन बिक्री के बाद से ही जिमीदार को धमकियां मिल रही थीं।
एसओ अवधेश राय का कहना है कि मृतक जिमींदार के मामले की तफतीश शुरू की गई है। कुछ दिनों पहले जिमींदार ने एक व्यक्ति की जमीन को फर्जीवाड़ा कर बेच दिया था। इस मामले में बीते सप्ताह प्रधान कमलेश जायसवाल ने फोन कर सूचना दी थी। जिमींदार को पकड़कर बैठाने की बात भी बताई थी। एसओ का कहना है कि जिमींदार को फोन पर ही छुड़ा दिया था। इस मामले में भी जांच की जा रही है।