राजकीय हाईस्कूल मुर्तिहा सलारपुर जंगल क्षेत्र में स्थित है। स्कूल की जमीन और भवन पर गांव निवासी एक दबंग ग्रामीण ने कब्जा कर लिया है। उसने स्कूल में ताला लटका दिया है। जबकि फील्ड में जोताई कर मूंगफली की बोआई कर दी है। जिससे करीब 80 छात्रों का पठन-पाठन ठप हो गया है।
बुधवार दोपहर बाद छात्रों ने ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद अपर जिलाधिकारी को व्यथा सुनाई। एडीएम ने इस मामले में मुर्तिहा पुलिस को तत्काल कब्जा खाली कराने और ग्रामीण के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने के निर्देश दिए हैं।
नानपारा तहसील अंतर्गत मिहींपुरवा विकासखंड का मुर्तिहा सलारपुर ग्राम काफी पिछड़ा इलाका है। यहां पर उच्च शिक्षा की व्यवस्था मुहैया कराने को लेकर हाल ही में राजकीय हाईस्कूल की स्थापना हुई है। जहां करीब 80 बच्चे पढ़ते हैं।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक का प्रभार मुक्तेश्वर पोद्यार के पास है। जबकि सहायक अध्यापक के रूप में आलोक पाल की तैनाती है। स्कूली जमीन पर गांव निवासी ओमनाथ पुत्र मिठाईलाल अपना कब्जा बता रहे हैं। जिसके चलते उन्होंने सप्ताह भर पूर्व स्कूल भवन में जबरन ताला जड़ दिया। स्वयं परिवार समेत भवन के एक हिस्से में रहने लगे।
स्कूल की फील्ड को खेत बनाकर मूंगफली की बोआई कर दी। छात्र स्कूल पहुंचे तो उन्हें खदेड़ दिया। चार-पांच दिन तक मामले में कोई कार्रवाई न होने पर बुधवार को छात्रों ने अभिभावकों के साथ ग्राम प्रधान पंचदेव राय व क्षेत्र पंचायत सदस्य अशोक कुमार की अगुवाई में जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह से मुलाकात कर उन्हेें व्यथा सुनाई। एडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय भवन और जमीन पर कब्जा करने वाले मुर्तिहा निवासी ओमनाथ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक आरपी पांडेय को मामले की जांच सौंपकर रिपोर्ट तलब की है।
ओमनाथ शुरू से जता रहा कब्जा, चल रहा मुकदमा
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुक्तेश्वर पोद्यार का दावा है कि विद्यालय निरंतर खुल रहा है। लेकिन दो साल पूर्व ग्राम प्रधान ने जो जमीन विद्यालय को दी थी, उस पर भवन निर्माण हुआ है। लेकिन भवन निर्माण के समय से ही ओमनाथ जमीन पर अपना कब्जा जता रहा है।
इसका मुकदमा भी न्यायालय में चल रहा है। विद्यालय की चहारदीवारी न होने के चलते स्कूल के कुछ जमीन पर उसका कब्जा जरूर है। इस मामले में उच्चाधिकारियों को पहले ही अवगत कराया गया है।
मैं गया था विद्यालय, लेकिन आए थे चार बच्चे
विद्यालय के शिक्षक आलोक पाल का कहना है कि वह निरंतर विद्यालय जा रहे हैं, आज भी गए थे, लेकिन सिर्फ चार बच्चे ही आए थे। शिक्षक ने भी स्वीकार किया कि ओमनाथ आए दिन शिक्षण कार्य में बाधा उत्पन्न करता है। ग्राम प्रधान और ओमनाथ के बीच जमीनी विवाद है। जिसका खामियाजा विद्यालय को भुगतना पड़ रहा है।