शहर के बख्शीपुरा मोहल्ला निवासी थोक किराना व्यवसायी का शव शनिवार को सुबह चिलवरिया के निकट कौरेमऊ गांव के पास खेत में पड़ा मिला। उसकी गला दबाकर हत्या की गई है। शव पर खरोंच के निशान मिले हैं। जिससे लग रहा है कि हत्या से पूर्व व्यवसायी ने जान बचाने के लिए संघर्ष भी किया। व्यवसायी शुक्रवार की शाम क्षेत्र में तगादा वसूलने के लिए निकला था। अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।
दरगाह शरीफ थाना क्षेत्र के बख्शीपुरा मोहल्ला निवासी आशीष जायसवाल (35) पुत्र मदनलाल जायसवाल आटा व किराने की अन्य वस्तुओं का थोक कारोबार करते थे। पयागपुर, खुटेहना, चिलवरिया, गिलौला आदि स्थानों के फुटकर व्यवसायी उनके यहां से माल की उठान करते थे। शुक्रवार की शाम वह प्रतिदिन की तरह क्षेत्र में बकाया पैसे का तगादा वसूलने निकले थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे।
परिवारीजनों ने मोबाइल पर कॉल की तो मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था। पूरी रात परिवारीजन हितमित्रों को कॉल करते रहे, लेकिन आशीष के बारे में पता नहीं चल सका। परेशान परिवारीजनों ने सुबह होने पर खोजबीन शुरू की, तभी एक युवक का शव कोतवाली देहात अंतर्गत कौरेमऊ और चिलवरिया के मध्य खेत में पड़े होने की सूचना मिली। आशीष के चाचा छोटेलाल व परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो शव की शिनाख्त व्यवसायी आशीष के रूप में हुई।
ग्रामीणों की सूचना पर कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक आरपी यादव भी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। परिवारीजनों व ग्रामीणों से पूछताछ के बाद मृतक के चाचा छोटेलाल की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि परिवार के लोग हत्या का कारण नहीं बता पा रहे हैं। मामले की छानबीन की जा रही है।
व्यवसायी आशीष सोने के जेवरात पहनने का शौक रखते थे। उनके गले में सोने की चेन और हाथों में अंगूठी आदि सुरक्षित है। जेब में लगभग नौ हजार रुपये भी मिले हैं। बाइक भी बरामद हुई है। सिर्फ मोबाइल गायब है। ऐसे में हत्या आरोपियों की मंशा क्या थी, इस सवाल में पुलिस भी उलझकर रह गई है।