मोतीपुर थाने की पुलिस द्वारा वर्ष 1995 में 22 जुलाई को चूका नाले के निकट नेपाल से चरस की तस्करी कर लखीमपुर जा रहे सीतापुर के नईबस्ती निवासी राजकुमार रस्तोगी पुत्र रामकुमार को पकड़ा गया था।
तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक किलो नेपाली चरस बरामद हुई। गिरफ्तारी के बाद चरस सीज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया था। इस मामले में जेल जाने के बाद राजकुमार को कुछ दिन बाद ही जमानत मिल गई थी।
मामला अपर सत्र न्यायाधीश सुदामा प्रसाद के न्यायालय पर चल रहा था। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई की। बचाव पक्ष के विरोध में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
बहस के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने राजकुमार की जमानत निरस्त करते हुए उसे 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। सजा के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।