थरिया गांव में मतदान को लेकर बृहस्पतिवार को हुए बवाल में पुलिस ने दोनों पक्षों के सात आरोपियों को गिरफ्तार कर रात में ही जमानत पर रिहा कर दिया। जमानत पर रिहा हुए घायलों को डॉक्टरी मुआयना के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। घटना में दोनो तरफ से एक राय होकर मारपीट और पथराव करने के साथ ही जान से मारने की धमकी दिये जाने की धाराओं में 14 नामजद और इतने ही अज्ञात लोगों के विरूद्ध मुकदमे दर्ज करवाए गए हैं।
बृहस्पतिवार को थरिया गांव में मतदान के दौरान मिर्जापुर के जिला पंचायत तृतीय वार्ड संख्या 31 की प्रत्याशी इन्द्रासनी देवी पत्नी अरविंद यादव व सुशीला देवी पत्नी केपी सिंह यादव के समर्थक आपस में भिड़ गए थे। जिससे दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और पथराव हुआ था। इस मामले में घायल हुए इन्द्रासनी समर्थक पूर्व प्रधान बलवीर सिंह यादव की ओर से दर्ज करवाई गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि दोपहर लगभग एक बजे वह मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने जा रहा था रास्ते में गांव के ही नेमसिंह यादव ने उससे पूछा कि किस प्रत्याशी को वोट दोगे? उसके यह कहने पर कि वह जिसे मर्जी होगी उसे वोट देगा। इतना सुनते ही दूसरे प्रत्याशी सुशीला यादव समर्थक नेमसिंह ने गाली देते हुए अपने पक्ष के प्रत्याशी को वोट देने के लिए कहा, मना करने पर नेम सिंह ने अपने पक्ष के प्रवेश, सुरेश, बागेश, रक्षपाल, नेत्रपाल,सुखदेव व ग्राम हरसीपुर निवासी महेशपाल सिंह यादव के साथ उसे पकड़कर लात घूंसों से पिटाई करने लगे। उसे पिटता देख उसका भतीजा पवन पुत्र पृथ्वीराज बचाने आया तो उसकी भी पिटाई करने लगे। जान बचाने के लिए वह दोनो मतदान केंद्र की तरफ भागे,तभी उक्त लोगों ने पथराव किया। जिससे पवन के माथे पर पत्थर लगने से घायल हो गया। मतदान केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे मतदान कक्ष मे बंद कर किसी तरह बचाया।
कुछ इसी तरह की रिपोर्ट दूसरे पक्ष के सुरेश यादव पुत्र रघुवर निवासी गांव थरिया ने पूर्व प्रधान वलवीर यादव, इनके पुत्र अनुराग व अनुपम तथा पृथ्वीराज, अजीत, सुनील पुत्रगण रामपाल यादव और पवन पुत्र पृथ्वीराज के विरुद्ध दर्ज करवाई है। पुलिस ने एक पक्ष के सुरेश, बागेश व नेत्रपाल तथा दूसरे पक्ष के पृथ्वीराज, पवन, सुनील व बलवीर यादव को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। जिन्हें देर रात्रि जमानत पर थाने से ही रिहा कर दिया गया है। मारपीट मे घायल हुए पूर्व प्रधान बलवीर व इनके भतीजे पवन आदि को डाक्टरी परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
थरिया गांव में मारपीट और पथराव की घटना मतदान केंद्र पर न होकर गांव में हुई थी। मारपीट से बचने के लिए पूर्व प्रधान बलवीर व पवन भाग कर मतदान केंद्र पर आ गये थे। जिन्हें तुरन्त पुलिस अभिरक्षा मे लेकर थाने ले आया गया था। इससे मतदान प्रभावित नहीं हुआ। थरिया में सांय पांच बजे तक पूरी तरह शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ।
- प्रभुकांत, एसओ मिर्जापुर
पुलिस की कड़ाई पर
बवालियों के तेवर पस्त
मिर्जापुर। थरिया गांव के मतदान केंद्र पर बवाल की सूचना पर कमिश्नर प्रमांशु कुमार,डीआईजी आरकेएस राठौर,डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार पूरे दलबल के साथ मिर्जापुर में डेरा डाला था। पुलिस- प्रशासनिक स्तर पर पूरे वाकये पर कड़ा संज्ञान लेकर बवालियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई का दो टूक निर्देश दिया गया था। उसी का असर रहा कि मतदान खत्म होने के बाद दोनों ओर से आपस में सुलह कराने के लिए पहल भी हुई, लेकिन पुलिस ने दोनों ही पक्षों के नामजद आरोपियों हिरासत में लेने के बाद ही दम लिया। उसके बाद दोनों ही पक्षों से बवाल की कमान संभालने वालों के तेवर पस्त हो गए।