राजीचौराहा (बहराइच)। महसी के बाढ़ प्रभावित इलाके में एक सियार ने दो दिन से उत्पात मचा रखा है। रात में गांव में दाखिल होकर सियार ने दरवाजे पर लेटे लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहा है।
मवेशी भी उसका निशाना बन रहे हैं। सूचना के बावजूद वनाधिकारी गांव नहीं पहुंचे। भयभीत ग्रामीण रात जागकर बिता रहे हैं।
महसी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके में कभी बाघ तो कभी तेंदुआ दस्तक देता है। दो दि से एक सियार ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना गया है। सियार रात में बेलहा-बेहरौली तटबंध पर बसे लोगों के घरों में घुस जाता है।
साथ ही मुरौवा गांव में दरवाजे पर लेटे लोगों पर हमला कर चुका है। सियार के हमले में मुरौवा निवासी मंशाराम, दिनेश कुमार, जगजीवन, बाबू और रामकुमार घायल हो गए। तीन मवेशियों को भी सियार ने नोंच कर घायल किया है।
ग्रामीणों ने वन रेंज कार्यालय महसी पर सूचना दी है। प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय को भी अवगत कराया लेकिन सियार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया है।
ग्रामीणों के मुताबिक सियार पागल लग रहा है। ऐसे में उसके हमले में जख्मी ग्रामीण और मवेशियों को रैबीज संक्रमण की आशंका है। क्षेत्रीय वन दरोगा अशोक कुमार के मुताबिक ग्रामीणों ने सूचना दी लेकिन हम आदेश लेकर ही क्षेत्र में जा पाएंगे।
ग्रामीणों को उसे पीटकर मार डालना चाहिए। उधर डीएफओ अखिलेश पांडेय का कहना है कि टीम भेजकर सियार को पकड़ने की कवायद होगी।