नानपारा/कैसरगंज। आग की लपटों से नानपारा और कैसरगंज तहसील के दो गांव सोमवार को धधक उठे। 44 मकानों के राख होने से 350 लोग बेघर हो गए हैं। आग बुझाने और गृहस्थी निकालने के प्रयास में दो ग्रामीण झुलस गए हैं।
पांच मवेशी भी आग की चपेट में आकर जख्मी हुए हैं। लगभग 38 लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। दमकल ने आग की लपटों पर काबू पाया।
नानपारा तहसील क्षेत्र अंतर्गत मतईपुरवा गांव में सोमवार भोर 5:30 बजे के करीब अचानक गांव निवासी फौजदार के घर से आग की लपटें उठने लगीं।
परिवार के लोगों के शोर मचाने पर गांव के लोग दौड़े लेकिन कुछ ही पलों में गांव निवासी रंगीलाल, मैकू, रामस्वरूप, मिट्ठनलाल, शिवराज, रामचरन, भुसैली, बुधराम, सुशील, रामसेवक, प्रह्लाद, पैरू, अंगनू, रामकिशुन, छोटे, तीरथ, सुंदर, फूलमती, पल्टन, रामरूप, भरोसे, कैलाश, रामू, आलोक समेत 35 लोगों के मकान धधक उठे।
तत्काल ग्रामीणों ने सूचना नानपारा उप अग्निशमन केंद्र को दी। यहां के प्रभारी बच्चूलाल की अगुवाई में पहुंची दमकल ने आग फैलने से रोका। अग्निशमन प्रभारी ने बताया कि आग बुझाने के प्रयास में फौजदार और रंगीलाल के हाथ झुलस गए हैं, जबकि पांच मवेशी भी झुलसकर घायल हुए हैं।
उधर, कैसरगंज तहसील क्षेत्र अंतर्गत हुजूरपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत भंगहा लुसईपुरवा निवासी सुखलाल के घर में लगी आग ने नौ लोगों के घर फूंक दिए।
पड़ोसी कृपाराम, खुशीराम, तुलसीराम, दशरथ, माधुरी, प्रकाश, मनोज समेत नौ लोगों के आशियाने लपटों की आगोश में आकर राख हो गए। सभी स्थानों पर अनाज, कपड़ा, बर्तन, जेवर आदि आग की भेंट चढ़ गए हैं।
क्षेत्रीय लेखपाल रंगीलाल ने मुआयना कर रिपोर्ट तहसील को भेजी है। पीड़ित परिवारों के लोग खुले आसमान तले गुजर-बसर करने को मजबूर हो गए हैं।
चाय और परचून की दुकान राख
नानपारा तहसील क्षेत्र अंतर्गत नानपारा-रुपईडीहा मार्ग पर भग्गापुरवा गांव निवासी अतीक की चाय की दुकान है। पास में ही गांव निवासी अरमान की परचून की दुकान है। रविवार देर रात अज्ञात कारणों से लगी आग से दोनों दुकानें जल गईं। अग्निशमन कर्मियों ने लपटों पर काबू पाया।
कसाई टोला का ट्रांसफार्मर जला, तीन हजार लोग परेशान
नानपारा नगर के मोहल्ला कसाई टोला में लगा ट्रांसफार्मर रविवार देर रात अचानक धू-धू कर जल उठा। इससे आसपास के लोग दहशत में आ गए। अग्निशमन कर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। ट्रांसफार्मर जलने से मोहल्ले में विद्युत सप्लाई ठप है, जिससे लगभग तीन हजार की आबादी प्रभावित है।