फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नकली डीजल फैक्ट्री का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

Thu, 19 May 2016 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
विज्ञापन
नकली डीजल फैक्ट्री के भंडाफोड़ में तीन गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जिले में नकली डीजल बनाने की फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। यह फैक्ट्री सरयू तट के झिंगहाघाट के निकट फत्तेपुरवा के एक मकान में चल रही थी। मौके से 1350 लीटर नकली डीजल, भारी मात्रा में केमिकल और डीजल बनाने के उपकरण भी बरामद हुए हैं। मौके से तीन लोग पकड़े गए और दो पिकअप वाहन बरामद हुए। 
विज्ञापन


जिले में नकली डीजल बनाए जाने की चर्चा काफी समय से थी लेकिन उसके संचालक पकड़ में नहीं आ रहे थे। इस पर एसपी ने स्वाट टीम को को जिम्मेदारी सौंपी थी। स्वाट टीम ने सर्विलांस के जरिए पता किया कि गुरुवार भोर में नकली डीजल की खेप नानपारा और लखीमपुर को भेजी जानी है। इस पर स्वाट टीम ने गुरुवार सुबह रामगांव थाना क्षेत्र में झिंगहा घाट के निकट घेराबंदी की। एक पिकअप को टीम ने रोकने का प्रयास किया तो चालक ने भागने की कोशिश की। इस पर घेराबंदी कर पिकअप को रोक लिया।

तलाशी के दौरान वाहन पर लदे आठ ड्रम में नकली डीजल बरामद हुआ। पिकअप सवार नकली डीजल के तीन कारोबारियों को भी दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रामगांव क्षेत्र में जानीजोत गांव निवासी संजय सिंह, दिनेश निवासी टिकोरा कोतवाली देहात व राम सहारे निवासी तिवारीपुरवा रामगांव के रूप में हुई।
विज्ञापन


आरोपियों ने पूछताछ के दौरान झिंगहाघाट के निकट फत्तेपुरवा निवासी राम कुमार यादव के मकान में नकली डीजल फैक्ट्री संचालन की बात कही। फत्तेपुरवा गांव में दबिश देकर पुलिस ने नकली डीजल बनाने के उपकरण, 35 किलो केमिकल पाउडर, 35 लीटर जला मोबिल ऑयल, कारोबार में प्रयुक्त 11 खाली ड्रम और एक पिकअप वाहन बरामद किया।

बरामद नकली डीजल, उपकरण और केमिकल तथा दोनों पिकअप वाहन (यूपी44टी-4713 व यूपी43टी-6157 को सीज करने के साथ पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया है। एसपी एसपी सालिक राम वर्मा ने नकली डीजल कारखाने का खुलासा करने वाली टीम के प्रभारी संजय कुमार दुबे व अन्य पुलिस कर्मियों को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया है। 

कई जिलों में थी सप्लाई
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों ने बताया कि वह नकली डीजल की सप्लाई बहराइच शहर और विभिन्न कस्बोें के साथ ही पड़ोसी जनपद सीतापुर, लखीमपुर, श्रावस्ती, बलरामपुर और गोंडा में भी करते थे। यह भी बताया कि केरोसिन में जला हुआ मोबिल आयल और केमिकल को आनुपातिक तरीके से मिलाकर नकली डीजल तैयार करते थे। तकनीकी विशेषज्ञों की मानें तो नकली डीजल के 40 से 50 घंटा प्रयोग से इंजन खराब हो जाता है। इससे वाहन और इंजन मालिक को भारी चपत लगती है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें