बहराइच/नानपारा। मदरसा मिसबाहुल उलूम बावर्ची टोला की प्रबंध कार्यकारिणी के विवाद में डीएमओ की तहरीर पर एक शिक्षक के खिलाफ नानपारा कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया।
उधर, दूसरे पक्ष ने आरोपों को फर्जी बताते हुए पूर्व प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कोतवाली नानपारा अंतर्गत मोहल्ला बावर्ची टोला में संचालित मदरसा मिसबाहुल उलूम के पूर्व प्रबंधक व मौजूदा सेक्रेटरी मोहम्मद आजम ने डीएम अभय को पत्र देकर कहा था कि मदरसे के शिक्षक इसरार अहमद व अन्य ने अभिलेखों में हेराफेरी की है।
इनकी ओर से फर्जी अभिलेख लगाकर चिट फंड रजिस्ट्रार के कार्यालय से प्रबंध कार्यकारिणी में फेरबदल किया गया और कुछ शिक्षकों की अवैध तरीके से तैनाती करा दी गई।
डीएम के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बालेंदु कुमार द्विवेदी ने मामले की जांच की। जिसमें अभिलेख कार्यकारिणी को हस्तगत नहीं कराने का मामला सामने आया।
इस पर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने कोतवाली नानपारा के प्रभारी निरीक्षक को मदरसा शिक्षक इसरार व उनके तीन अन्य साथियों द्वारा अभिलेखों को गायब करने की तहरीर दी।
इसी के तहत नानपारा पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में इसरार व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। कोतवाल एके सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
उधर, दूसरे पक्ष का कहना है कि पूर्व प्रबंधक मोहम्मद आजम की ओर से नियमानुसार कार्रवाई के बाद अभिलेखों पर हस्ताक्षर किए गए थे लेकिन बाद में उनकी ओर से फर्जी तरीके से फंसाने के लिए हस्ताक्षर नहीं होने का दावा किया जाने लगा और अभिलेख गायब कर दिया गया।