एक किशोरी के अपहरण और रेप के आरोपी ग्रामीण को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने 10 साल की सजा सुनाई है। अलग-अलग मामलों में 40 हजार रुपये जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
दीवानी न्यायालय के एडीजी फिरोज अहमद खान ने बताया कि नानपारा चीनी मिल में तैनात एक सुरक्षाकर्मी वर्ष 1991 में 26 जुलाई को कोतवाली देहात के बेरिया समय में आयोजित मेले में परिवार समेत गया था। उसी मेले में हुजूरपुर के कटघरा खुर्द निवासी शोभाराम उर्फ शोभा भी पहुंचा था। मेले के बाद सुरक्षाकर्मी का परिवार रिश्तेदारी में खलीलपुर जा रहा था।
रास्ते में मिले शोभाराम ने सुरक्षाकर्मी की 15 वर्षीय बेटी को क्षेत्र घुमाने का झांसा दिया और अगवा कर ले गया। सुरक्षाकर्मी ने खोजबीन की तो शोभाराम के घर बेटी की मौजूदगी का पता चला। पीड़ित ने कोतवाली देहात में शोभाराम के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
इसी मामले की शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनिल कुमार वशिष्ठ ने सुनवाई की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी शोभाराम उर्फ शोभा को धारा 366 के तहत सात वर्ष व 15 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 376 के तहत 10 वर्ष की सजा व 25 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त करावास भुगतना होगा।