बहराइच/मटेरा। मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेलने से मना करना व मोबाइल छीनना दो चचेरे भाइयों को इतना नागवार लगा कि दोनों घर से भाग गए। इस दौरान परिजनों ने अपहरण का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
शनिवार रात जहां परिजनों ने थाने पर प्रदर्शन किया तो वहीं रविवार को हाईवे जाम कर नारेबाजी की। इस दौरान मटेरा पुलिस भी ढुलमुल रवैया अपनाती रही। प्रदर्शन के बाद आला अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को अयोध्या से सकुशल बरामद कर लिया।
मटेरा में थाने के पीछे रहने वाले अनिल शर्मा विद्या मंदिर स्कूल के प्रबंधक हैं और उनके बड़े भाई प्रदीप मिर्जापुर चौराहे पर इलेक्ट्राॅनिक की दुकान चलाते हैं। शनिवार शाम अनिल का 12 वर्षीय बेटा सूर्यांश व उनके बड़े भाई प्रदीप का नौ वर्षीय बेटा दिव्यांश शर्मा लापता हो गए। काफी देर तक बच्चों के वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की और अपहरण का आरोप लगाते हुए सूचना मटेरा पुलिस
को दी। इस दौरान मटेरा पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने पर प्रदर्शन किया।
इसके बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रविवार सुबह बहराइच-नानपारा राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते घंटो हाईवे जाम रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर सीओ नानपारा प्रद्युम्न सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
गेम खेलने से मना करने से खुद भागे बच्चे
n एएसपी ग्रामीण डीपी तिवारी ने बताया कि दोनों बच्चे मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेलने के आदी थी। शनिवार को परिजनों ने इसके लिए उन्हें डांटा था और मोबाइल छीन लिया था। इससे नाराज बच्चे कुछ रुपये लेकर घर से भाग गए। जिन्हें एसओजी व अयोध्या पुलिस की मदद से सकुशल बरामद कर लिया गया।
बच्चों को समय जरूर दें अभिभावक
वर्तमान में बच्चे मोबाइल के एडिक्ट होते जा रहे हैं। मटेरा की घटना उसी का उदाहरण है। अभिभावक खुद मोबाइल चलाने के चक्कर में बच्चों को समय नहीं दे रहे। इससे बच्चों की मनोदशा खराब हो रही है। सभी अभिभावकों से अपील है कि वह प्रतिदिन बच्चों को कुछ समय जरूर दें और मोबाइल से बच्चों की दूरी बनवाएं। -डीपी तिवारी, एएसपी ग्रामीण