नानपारा। नाबालिग को डरा-धमकाकर घर से ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म के मामले में करीब आठ साल बाद न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए दोषी को सात वर्ष के कारावास की सजा दी है। अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार द्वादश, एफटीसी द्वितीय/पॉक्सो न्यायालय ने दोषी भूपेंद्र उर्फ बैठू पर कुल 18 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
नानपारा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण ने वर्ष 2018 में पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी रात में शौच के लिए घर से बाहर गई थी। आरोप है कि इसी दौरान उसे डरा-धमकाकर अगवा कर लिया गया था। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में आरोपपत्र 26 जून 20128 को न्यायालय में दाखिल किया। वहीं न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए 16 जनवरी 2019 को आरोपों का निर्धारण किया। न्यायालय ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी भूपेंद्र उर्फ बैठू निवासी चमारन पुरवा, ईंटहा को दोषी माना। उसे अलग-अलग अपराध में सात वर्ष का कारावास और 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।