बहराइच। शैक्षणिक सत्र 2026-27 की निशुल्क किताबों को कबाड़ में बेचने के मामले में बृहस्पतिवार देर रात जांच रिपोर्ट मिली। इसके बाद जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जिले के छह से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। दो अनुचरों को निलंबित किया गया है। अनुदेशक, जिला समन्वयक और स्पेशल एजुकेटर की संविदा समाप्त कर दी गई है। लेखाधिकारी और दो खंड शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
जिले में 16 फरवरी को मुरादाबाद के ट्रक संख्या यूपी 21 एफटी 8485 से निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों को बायपास रोड पर स्थित कबाड़ी दिलशाद के यहां से पकड़ा गया था। यह ट्रक जिले की सरकारी पाठ्यपुस्तकों को लेकर काशीपुर (उत्तराखंड) जा रहा था। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर रामगांव, पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू की थी लेकिन कबाड़ी और ट्रक चालक मौके से भाग निकले थे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह द्वारा द्वारा ट्रक में रखी पुस्तकों को सत्र 2026-27 की निःशुल्क पाठ्य पुस्तक बताया था। मामले में जिलाधिकारी ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर दो दिन में सत्यापन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
बृहस्पतिवार देर रात रिपोर्ट डीएम के सामने पेश की गई तो पता चला कि पाठ्य पुस्तकों के भंडारण और अभिलेख रखरखाव में गंभीर लापरवाही और अनियमितता बरती गई। इनवॉइस के अनुसार पुस्तकों की वास्तविक प्राप्ति का सत्यापन नहीं किया गया। भंडारण स्थल पर पुस्तकों की अनुपलब्धता से समिति की कार्यशैली पर सवाल उठे।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि भंडारण मे लापरवाही बरतने के आरोपी जिम्मेदार अनुचर आलोक कुमार और शफीक अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अनुदेशक अतुल कुमार सिंह, जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता आशुतोष सिंह और स्पेशल एजुकेटर दीपक कुमार की संविदा समाप्त कर दी गई है। वहीं प्रभारी सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वीरेश कुमार वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी (नगर क्षेत्र) डाली मिश्रा और खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) रंजीत कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच के बाद सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
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शासन को भेजी गई जांच आख्या
जिलाधिकारी ने बताया कि जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्यवाही करने के साथ ही पूरी जांच रिपोर्ट शासन को भेजते हुए संबंधित तीन अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। डीएम ने कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।