नेपाल के पहाड़ों पर निरंतर हो रही वर्षा के चलते घाघरा नदी उफान की स्थिति में पहुंच गई है। नदी के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी हो रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान और तेज हो गई है। रात से अब तक लगभग 60 बीघा खेती योग्य जमीन घाघरा नदी में समाहित हो गई है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। अब तक कटान रोकने के कोई उपाय नहीं हो सके हैं।
नेपाल के पहाड़ों पर बीते चार दिनों से रुक-रुक कर वर्षा का क्रम जारी है। गुरुवार की रात जिले के पश्चिमी हिस्सों में झमाझम बरसात हुई। इसका नतीजा यह है कि घाघरा नदी के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है।
शुक्रवार दोपहर नदी का जलस्तर 103.236 मीटर दर्ज हुआ। जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते महसी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी की कटान बढ़ गई है। महसी के कायमपुर, चुरईपुरवा, नईबस्ती, पचदेवरी और मंगलपुरवा के निकट ग्रामीणों की खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हो रही है।
ग्रामीण जमीनों को नदी मेें समाहित होते देखकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। मंगलपुरवा निवासी राजेश कुमार व कायमपुर निवासी दीनदयाल ने बताया कि सूचना तहसील को दी गई है, लेकिन अब तक कटान रोकने के कोई उपाय नहीं हुए हैं। ऐसे में नदी धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ रही है। अ
गर कटान की स्थिति रही तो पखवारे भर में गांव भी कटान की जद में आ जाएगा। उधर, तहसीलदार राजेश कुमार मिश्र का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ा है। राजस्वकर्मी कटान योग्य जमीन का ब्यौरा तैयार कर रहे हैं। पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।