बहराइच। तराई में मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। सुबह ठंडक और दोपहर में बढ़ती गर्मी के कारण सर्दी-खांसी, बुखार, पेट दर्द व सांस के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में दोपहर तक 2050 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई।
सोमवार को सुबह से ही परचा काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की लंबी कतारें लग गईं। आभा एप के जरिये पंजीकरण के बावजूद अत्यधिक भीड़ के चलते लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। मेडिसिन विभाग के बाहर हालात ऐसे रहे कि कई मरीजों को बरामदे और सीढ़ियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
डॉक्टरों के अनुसार बदलते मौसम में वायरल फीवर और सांस संबंधी संक्रमण तेजी से फैलते हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में खांसी, जुकाम और सांस फूलने की शिकायत ज्यादा देखी जा रही है। खानपान में अनियमितता के कारण पेट संबंधी समस्याएं भी बढ़ी हैं।
सीएमएस डॉ. एमएमएम त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक भीड़ रहती है। सभी मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श, दवाएं और आवश्यक जांच उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने लोगों से मौसम के अनुसार कपड़े पहनने, साफ पानी पीने और भीड़भाड़ से बचने की सलाह दी।
दो घंटे के इंतजार के बाद मिला इलाज
नगरौर की रुबीना अपने पति इस्लामुद्दीन को लेकर अस्पताल पहुंचीं। उन्हें सांस लेने में तकलीफ है। रुबीना ने बताया कि परचा बनवाने और डॉक्टर तक पहुंचने में करीब दो घंटे से अधिक का समय लग गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने दवा देते हुए सावधानी बरतने की हिदायत दी।
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सीने में जलन से परेशान रहे मरीज
कल्पीपारा निवासी रामकुमार सुबह लगभग 11 बजे सीने में जलन और हाथ में झनझनाहट की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। भीड़ अधिक होने के कारण उनका नंबर करीब 12:15 बजे आया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें दवाएं दी गईं। खानपान में परहेज रखने की सलाह दी गई।