सीएम का संभावित कार्यक्रम जिले में रद्द हो गया है। वहीं सीएम के कार्यक्रम के लिए किए जा रहे इंतजामों में लाखों रुपए पर भी पानी फिर गया। 25 लाख रुपए अकेले मंच व हैलीपैड निर्माण पर खर्च किए गए थे। जबकि लगभग सवा करोड़ रुपये जर्मन टेंट पर खर्च हुआ बताया जा रहा है।
पोषण मिशन के तहत मुख्यमंत्री ने सिरसिया के मोतीपुर कला गांव को गोद लिया था। इसी के तहत प्रदेश में गर्भवती माताओं के लिए एक नई योजना का शुभारंभ होना था। जिसमें गर्भवती माताओं को आंगनबाड़ी केंद्र पर मीनू के हिसाब से पका पकाया भोजन मिलना था।
इस योजना की घोषणा के लिए बीस जून को मुख्यमंत्री का संभावित कार्यक्रम बना था। इसको लेकर मोतीपुर कला गांव में लगभग चालीस एकड़ के खेत में हैलीपैड व मंच का निर्माण किया गया था। हैलीपैड व मंच निर्माण में लगभग तीन लाख ईंट भी लगाई जा चुकी थी।
इसके साथ ही जमीन की पटाई व समतलीकरण पर भी लाखों रुपये खर्च किया गया। यही नहीं लगभग साढ़े सात हजार लोगों के बैठने के लिए जर्मन टेंट भी लगाया जा चुका था। इसके साथ ही गांव के रंग रोगन, सफाई पर जो पैसा खर्च हुआ वह अलग से।
तैयारियां अंतिम चरण पर थी, कि शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थगन की सूचना जिला प्रशासन को मिल गई। लगभग दो करोड़ खर्च करने के बाद प्रशासन ने टेंट उखाड़ने का फरमान जारी कर दिया। अभी भी जिन किसानों के खेतों में मंच व हैलीपैड बनाया गया था वहां बालू, ईंट व कंकरीट जमा है।
ऐसे में धान की खेती करने से वंचित किसान अब परेशान हैं। न तो मुख्यमंत्री के आने के बाद गांव की बदलने वाली तस्वीर का ही कुछ हो पाएगा। और न ही मचान बने खेत में ही कुछ हो पाएगा।