पांचवें चरण के लिए सोमवार को हुए मतदान में सुबह से शाम तक माहौल शांतिपूर्ण जरूर रहा, लेकिन बीच-बीच में कई स्थानों पर झड़प की स्थिति बनी। फर्जी वोटिंग के मामले को लेकर एक सपा कार्यकर्ता को हमजापुरा पोलिंग बूथ पर सुरक्षाकर्मियों ने पीटा। वहीं बीएलओ की गैर मौजूदगी पर भी लोग उग्र दिखे। ईवीएम की गलत सेटिंग को लेकर पूर्व सांसद और उनकी बेटी तथा बहू की सुरक्षाकर्मियों से झड़प हुई।
पांचवें चरण का मतदान सोमवार को जिले में गहमागहमी के बीच निपटा। शहर के सलारगंज में स्थित प्राथमिक विद्यालय में 12 बूथ बने हुए थे। इनमें आठ बूथ के बीएलओ दोपहर तक नदारद रहे। पहुंचने वाले मतदाताओं को पर्चियां नहीं मिल रही थीं। इससे भीड़ एकत्रित हो गई। इसके चलते मतदाताओं और सुरक्षाकर्मियों में रह-रह कर झड़प हुई।
व्यवसायी अनवर मेकरानी ने इसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी से की। इसके बाद स्थिति सुधरी। महाराज सिंह इंटर कॉलेज के बूथ पर भी बीएलओ की गैर मौजूदगी के चलते विवाद की स्थिति रही। वहीं करीब 10 बजे राजकीय इंटर कॉलेज के बूथ संख्या 47 पर मतदान करने पहुंच रहे मतदाता जिस प्रत्याशी को वोट देना चाह रहे थे। उसके विपरीत प्रत्याशी को वोट पड़ रहा था। इससे विवाद की स्थिति बन गई। एक घंटे मतदान बाधित रहा।
सूचना पाकर पहुंचीं बहराइच सदर की सपा प्रत्याशी रुआब सईदा, उनकी बेटी डॉ. अलवीरा शाह व बहू मारिया शाह ने नाराजगी जताई। कार्यकर्ता भी उग्र हुए। इस पर सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई। हालांकि डीएम और एसपी ने मामले को संभाला।
हमजापुरा प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र पर सपा कार्यकर्ता भूरी की ओर से फर्जी वोटिंग की कोशिश की गई। एक उपनिरीक्षक ने विरोध किया तो उसे भूरी ने धकेल दिया। इस पर सुरक्षाकर्मियों ने उसे पीट दिया। जिससे 40 मिनट हंगामे के हालात रहे। भीड़ को खदेड़ा गया। आजाद इंटर कॉलेज में भी फर्जी वोटिंग को लेकर झड़प हुई। वहीं रिसिया के भोपतपुर मतदान केंद्र पर ग्राम प्रधान के मनमानी की शिकायत मिलने पर डीएम ग्राम प्रधान को अपने साथ ले गए। काफी देर बाद छोड़ा।
पयागपुर विधानसभा क्षेत्र में बसपा प्रत्याशी शेख मुशर्रफ ने ब्लॉक प्रमुख जगरानी देवी के प्रतिनिधि व पूर्व ब्लॉक प्रमुख राम मनोहर सिंह पप्पू पर क्षेत्र में गड़बड़ी फैलाने का आरोप दोपहर में लगाया। इस पर पुलिस उन्हें थाने ले आई। पांच घंटे ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि थाने में बैठे रहे।
पयागपुर के बूथ संख्या 170 पर सपा सरकार के कैबिनेट मंत्री पंडित सिंह की फोटो लगी रही और वोट पड़ते रहे। किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसकी शिकायत कुछ मतदाताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी को फोन कर की। लेकिन तब तक मतदान समाप्त होने की स्थिति बन चुकी थी।