फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मतदान करने के बाद दी पिता को अंतिम विदाई

Mon, 27 Feb 2017 10:36 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
विज्ञापन
मतदान कर जाते मृतक के परिवारीजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
घर में रखा उस बुजुर्ग आत्मीय का शव जिसका हाथ पकड़ जवानी की दहलीज में कदम रखा। शोक के माहौल में संवेदना जताते नाते-रिश्तेदारों का जमावड़ा। आंसुओं के सैलाब के बीच पिता को अंतिम विदाई देने की तैयारी। लेकिन तभी स्व. रामप्रकाश के परिवार ने गम के गोतों से निकल फैसला किया कि सुबह लोकतंत्र का फर्ज निभाने, मतलब विधानसभा चुनाव के लिए वोट डालने के बाद ही मृत बुजुर्ग का अंतिम संस्कार करेंगे। अपने इस फैसले से रामप्रकाश का परिवार फर्ज अदायगी की मिसाल बन गया।
विज्ञापन

70 वर्षीय रामप्रकाश समेत परिवार मेें दस वोटर सदस्य रविवार सुबह से ही मतदान के लिए काफी उत्साहित थे। लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था। रविवार देर रात रामप्रकाश की तबीयत बिगड़ गई और हृदय गति रुकने से उनकी जिंदगी की डोर टूट गई, जिससे घर में कोहराम मच गया।

मतदान का उत्साह भी काफूर हो गया, लेकिन इस विपदा की घड़ी में भी रामप्रकाश के परिवारीजन नहीं डिगे। मतदाता जागरूकता अभियान के जागरूकता स्लोगन ‘पहले मतदान, फिर जलपान‘ से हजारों कदम आगे निकल कर पांचवें चरण के विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार सुबह मृतक के पुत्र केशवराम ने परिवार के नौ सदस्यों के साथ बूथ पर पहुंचकर प्रात: लोकतंत्र के महायज्ञ में आंसुओं के बीच अपनी आहुतियां समर्पित कीं।
विज्ञापन


इसके पूर्व मृतक के पुत्र केशवराम ने अपने हित मित्र, परिचितों को भी फोन और मोबाइल से संदेश दिया कि मतदान करने के बाद ही अंत्येष्टि में भाग लें। इसका नतीजा यह हुआ कि रामप्रकाश का अंतिम संस्कार करने से पूर्व सभी हित मित्रों और परिचितों ने वोट डाले। दोपहर बाद शव यात्रा सरयू घाट के लिए रवाना हुई, जहां अंतिम संस्कार किया गया। 

मृतक रामप्रकाश अपने पीछे धर्मपत्नी शांति के अलावा पुत्र केशवराम, बुधराम, बहू सविता, अनीता, पौत्र संजय, कुलदीप, प्रदीप, पौत्री आराधना को छोड़ गए हैं। इन सभी नौ सदस्यों ने आंसुओं के बीच मतदान कर बाद में रामप्रकाश का अंतिम संस्कार किया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें