बहराइच। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोर्टल से की गयी समीक्षा में प्रदेश की 50 सीएचसी का अवलोकन किया गया जिसमें विशेश्वरगंज सीएचसी को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। वहीं, चित्रकूट जिले के रामनगर सीएचसी को दूसरा और जिले के कैसरगंज सीएचसी को तीसरा स्थान मिला है। सूची में देवीपाटन मंडल के 23 स्वास्थ्य केंद्रों ने दबदबा बनाया है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को पांच लाख रुपये तक की निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। आर्थिक तंगी के कारण गंभीर बीमारियों का इलाज न करा पाने वाले लोगों को काफी सहूलियत मिल रही है।
आयुष्मान योजना की स्वास्थ्य विभाग की ओर से पोर्टल से समीक्षा की गई। इसमें प्रदेश के 50 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल किए गए थे। सीएमओ डॉ. सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले की विशेश्वरगंज सीएचसी को प्रदेश में पहला स्थान मिला है। बताया कि प्रदेश में दूसरा स्थान चित्रकूट की रामनगर सीएचसी और कैसरगंज सीएचसी को तीसरा स्थान मिला है।
आयुष्मान भारत के नोडल अधिकारी रवींद्र त्यागी ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रगति का आकलन करने के लिए योजना के पोर्टल की समीक्षा की गयी जिसमें प्रदेश के टॉप 50 की सूची में 13 सीएचसी जनपद बहराइच की, छह सीएचसी जनपद श्रावस्ती की तथा चार सीएचसी जनपद बलरामपुर की शामिल हैं। इस तरह टॉप 50 में 23 सीएचसी देवीपाटन मंडल के आकांक्षात्मक जनपदों से हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुरेश सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली विशेश्वरगंज सीएचसी के आरोग्य मित्र बबलू यादव, बीपीएम, बीसीपीएम शकील अहमद सिद्दीकी एवं सीएचसी अधीक्षक डॉ. उत्कर्ष सहित सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. उत्कर्ष ने बताया कि विशेश्वरगंज सीएचसी में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के मरीजों को उपचार के बाद घर पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा मुहैया कराई जाती है तथा घर वापस जाने के बाद उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली जाती है इस दौरान यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या होती है तो उचित सलाह दी जाती है।
उन्होंने बताया कि सभी गोल्डेन कार्ड धारकों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आयुष्मान मित्र द्वारा फोन कर योजना की जानकारी दी जाती है। इस सफलता में ब्लॉक के बीपीएम, बीसीपीएम एवं आशाओं का भी विशेष योगदान रहा है।
आयुष्मान भारत योजना के जिला सूचना प्रबंधक अमित कुमार सिंह ने बताया कि जिनके गोल्डन कार्ड अभी नहीं बने हैं, वे प्रधानमंत्री का पत्र या प्लास्टिक कार्ड ले जाकर अपने नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्ड बनवा सकते हैं। जिनके पास कोई प्रमाण नहीं है, वे सीएचसी पर कार्यरत आरोग्य मित्र से संपर्क करके अपना नाम सूची में देख सकते हैं।
आरोग्य मित्र गोल्डन कार्ड बनवाने में पूरी मदद करेंगे। इसके अलावा जिन लोगों के राशन कार्ड में परिवार के किसी सदस्य का नाम नहीं शामिल है, उसे शामिल करवा लें जिससे परिवार के सभी लोगों को योजना का लाभ मिल सके।