जरवलरोड (बहराइच)। सीएचसी अधीक्षक डॉ. कुंवर रितेश को साइबर ठगों ने अपना शिकार बना लिया। खाता वेरीफिकेशन के लिए पहले एक लिंक भेजा, फिर ऐप डाउनलोड कराकर ठगों ने दो बार में 49,200 रुपये निकाल लिए। यह घटना उस समय हुई जब अधीक्षक एक मीटिंग में व्यस्त थे।
मीटिंग के दौरान अधीक्षक के मोबाइल पर एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका एकाउंट वेरीफिकेशन पेंडिंग है। भरोसे में लेने के लिए कॉलर ने एक लिंक भेजा और उसे क्लिक कर एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। डॉ. रितेश ने जैसे ही ऐप डाउनलोड किया और उसमें अपना आधार कार्ड नंबर डाला, वैसे ही उनके बैंक खाते से दो बार में 24,600-24,600 रुपये कट गए। खाते से 49,200 की कटौती होने पर उन्हें ठगे जाने का एहसास हुआ, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया और फिर साइबर थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई। डॉ. रितेश ने बताया कि शिकायत करने के बाद जब दोबारा हेल्पलाइन पर स्टेटस जानने के लिए फोन किया गया तो लाइन व्यस्त बताकर फोन बार-बार कटता रहा। इस मामले में उन्होंने बृहस्पतिवार को उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए मामले की शिकायत की तब सीएचसी अधीक्षक के साथ साइबर ठगी होने का खुलासा हुआ। एएसनी डीपी तिवारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।