बहराइच। पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों समेत अन्य मांगों को लेकर सीएम की शव यात्रा निकालकर प्रदर्शन करने वाले सपाइयों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। सपा छात्रसभा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष समेत दो नामजद व तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने तिकोनीबाग चौकी इंचार्ज की तहरीर पर केस दर्ज किया है।
केंद्र सरकार की ओर से बढ़ाए गए पेट्रोल-डीजल के दामों समेत अन्य मांगों को लेकर सोमवार को पूर्व विधायक केके ओझा के नेतृत्व में सपा छात्रसभा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नंदेश्वरनंद यादव समेत पांच लोगों ने सीएम योगी आदित्यनाथ की शवयात्रा निकाली थी। शव यात्रा को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया। धारा 144 व महामारी एक्ट का उल्लंघन को देखते हुए तिकोनीबाग चौकी इंचार्ज विनोद पांडेय की तहरीर पर देहात कोतवाली में सपा छात्रसभा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नंदेश्वरनंद यादव व अतीक और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
चौकी इंचार्ज के तहरीर पर उठ रहे सवाल
सोमवार को सपा ने सीएम की शव यात्रा निकालकर पुतला फूंका और चौकी इंचार्ज को भनक तक नहीं लगी। जब पता चला तो चौकी इंचार्ज ने दो नामजद समेत पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दे दी। अब सवाल उठता है कि चौकी इंचार्ज को यह पता चल गया कि प्रदर्शन करने वाले पांच लोग थे तो यह क्यों नहीं पता चला कि उसकी अगुवाई पूर्व विधायक केके ओझा ने भी की थी तो उनको नामजद क्यों नहीं किया गया? अगर चौकी इंचार्ज ने कोई फोटो या वीडियो देखकर तहरीर लिखी तो क्या दो ही लोग दिख रहे थे?
नहीं उठा एएसपी नगर का फोन
जब इस संबंध में एएसपी नगर ज्ञानंजय सिंह से फोन पर जानकारी के लिए फोन मिलाया गया तो घंटी बजती रही और उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। न ही बैक कॉल आई। जब जिम्मेदार अधिकारी का यह रवैया है तो इनके अधीनस्थ काम करने वालो का क्या होगा? इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।