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घाघरा में उफान से नानपारा में पुल धंसा

Sun, 28 Jun 2015 10:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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घाघरा नदी में उफान से रविवार को नानपारा तहसील क्षेत्र के बानपुरवा में पुल धंस गया। इससे 20 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। वहीं, जरवलरोड में नदी तटबंध से महज 15 मीटर दूर रह गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। यहां ग्रामीणों ने आशियाने उजाड़ने शुरू कर दिए हैं।
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बाढ़ की आशंका को देखते हुए बाढ़ खंड गोंडा के अधिकारियों ने भी जरवलरोड में कैंप करना शुरू कर दिया है। महसी में भी घाघरा नदी की कटान तेज हो गई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण बनबसा, शारदा और गिरिजापुरी बैराज से घाघरा नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

नदी में पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। घाघरा नदी में पानी बढ़ने के कारण रविवार को गायघाट से मटिहामोड़ होते हुए रामपुर धोबियाहार जाने वाले मार्ग पर बढ़ैया कला गांव के निकट बानपुरवा पुल अचानक धंस गया है। पुल धंसने के कारण मार्ग पर आवागमन ठप है।
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क्षेत्र के रामपुर, बढ़ैया कला, बैबाही, अरनवा, नेवादा पुरी, बलजीतपुरवा, खैरी समैसा, डल्लापुरवा समेत लगभग 20 गांवों का संपर्क टूट गया है। पुल धंसने की जानकारी से एसडीएम नानपारा घनश्याम ने इंकार किया है। उनका कहना है कि पुल धंसने की सूचना नहीं है। अब जानकारी हुई है। मौके पर राजस्वकर्मियों को भेजा जाएगा।

उजाड़ रहे आशियाने
जरवलरोड में तटबंध के किनारे नदी के पहुंचने से गड़रियनपुरवा गांव के बृजपाल, धनीराम, राजकुमार, रामानंद, पवन कुमार व अनिल कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने अपने आशियाने उजाड़ने शुरू कर दिए हैं। सभी सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

तटबंध पर कर रहे कैंप
बाढ़ खंड गोंडा के एसडीओ ओपी उपाध्याय ने बताया कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल के अधिकारी संजय मिश्रा व वीरेंद्र यादव समेत अन्य लोग आदमपुर रेवली तटबंध पर कैंप कर रहे हैं। जलस्तर घटने के साथ ही राहत व बचाव के कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।

महसी में हुई कटान
राजीचौराहा। महसी में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के पचदेवरी गांव निवासी कैलाश और गौरीशंकर का मकान नदी में समाहित हो गया है। गांव निवासी सत्यसागर, भग्गू, छेद्दू व राजेश की लगभग 20 बीघा खेती योग्य भूमि नदी में समाहित हो गई है।

बैराज से छोड़ा गया पानी
बिछिया। बैराज की देखरेख कर रहे अवर अभियंता संतराम वर्मा ने बताया कि रविवार को बनबसा बैराज की ओर से 41,816 क्यूसेक, शारदा बैराज की ओर से एक लाख 35 हजार क्यूसेक और गिरिजापुरी बैराज की ओर से 87,476 क्यूसेक पानी घाघरा नदी में छोड़ा गया है। घाघरा नदी में पानी छोड़े जाने के बाद जलस्तर बढ़ता चला जा रहा है।
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