बिछिया बाजार में निवास करने वाले सैयद अली अहमद शाह उर्फ हुजूर बाबा के शव को शुक्रवार को उनके अनुयायियों ने जंगल परिक्षेत्र मेेें बाबा के आवासीय परिसर में ही सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था। इस मामले में वन विभाग ने 26 लोगों को नामजद करते हुए हजारों अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। वन विभाग की इस कार्रवाई से लोग गुस्सा हैं।
हुजूर बाबा का गुरुवार सुबह निधन हो गया था। शुक्रवार को उनके शव को दफनाने को लेकर अलग-अलग मत थे। बड़ी संख्या में अनुयायी हुजूर बाबा की बयान के आधार पर उनके शव को आवासीय परिसर में दफनाना चाहते थे। प्रशासन शव को मिहींपुरवा में एक अनुयायी द्वारा जमीन दान करवाकर वहां दफनाने के पक्ष में था। पूरे दिन माथापच्ची हुई।
इसके बाद अनुयायियों ने हुजूर बाबा के शव को उनके आवासीय परिसर में दफना दिया। इस बात को लेकर वन विभाग ने उत्पीड़नात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। वन क्षेत्राधिकारी कतर्नियाघाट गयादीन की तहरीर पर 26 नामजद व हजारों अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई है। इस मामले में थानाध्यक्ष कपिलदेव चौधरी के मुताबिक केस दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई से क्षेत्र के लोग काफी गुस्सा हैं। केस में नामजद समाजसेवी डॉ. जंग हिंदुस्तानी का कहना है कि हुजूर बाबा के शव को दफनाने में सिर्फ प्राचीन परंपरा का निर्वहन हुआ है। सिर्फ आस्था और श्रद्धा के तहत हुजूर बाबा का शव दफनाया गया लेकिन वन और पुलिस प्रशासन मनमानी कर रहा है।