पयागपुर ब्लाक कार्यालय पर पसरा सन्नाटा।
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पयागपुर (बहराइच)। ब्लॉक मुख्यालय परिसर में बीडीओ, सीडीपीओ व सहायक विकास अधिकारी नहीं बैठ रहे हैं। बुधवार को समस्या लेकर पहुंचे ग्रामीण अधिकारियों की खोज में भटकते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। अधिकारियों की कुर्सी खाली रही। ऐसे में ग्रामीण दोपहर तक अधिकारियों का इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौट गए। ग्रामीणों ने इस मामलेे से डीएम को अवगत कराया है।
अधिकारियों की लापरवाही के कारण ब्लॉक परिसर में फरियादी दर-दर भटकने को मजबूर हैं। विकास खंड पयागपुर के खंड विकास कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। बुधवार को यहां ग्रामीणों के एकत्र होने पर अमर उजाला प्रतिनिधि ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय का मुआयना किया। सुबह 11.40 बजे ब्लॉक कार्यालय पहुंचे तो देखा कि सभी कर्मचारी मैदान में बैठे हुए हैं। बीडीओ की कुर्सी खाली पड़ी मिली।
वहीं, सहायक विकास अधिकारी पंचायत कार्यालय में भी ताला लटक रहा था। अन्य सहायक विकास अधिकारी के बारे में जानकारी ली गई तो वह भी कार्यालय में नदारद मिले। इसके बाद ब्लॉक परिसर में स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में अमर उजाला की टीम पहुंची तो अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सीडीपीओ अनिल कुमार पांडेय की कुर्सी खाली मिली। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ब्लॉक परिसर में कर्मचारी और अधिकारी नदारद हैं तो विकास का प्रकाश गांव में कैसे पहुंचेगा।
इस बारे में फोन कर खंड विकास अधिकारी रंजन लाल से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि ब्लॉक के कार्य के लिए विकास भवन में मौजूद हूं। जबकि सहायक विकास अधिकारियों की अनुपस्थिति के बारेे में उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी नहीं है। पता कर जानकारी करा रहे हैं। स
ाथ ही साथ बाल विकास परियोजना कार्यालय के बारे में पूछा तो पता चला कि उपस्थिति पंजिका और भ्रमण पंजिका बीडीओ स्वयं रख रहे हैं। इसलिए उनके भ्रमण का कारण मुझे नहीं मालूम है। ऐसे में विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण जहां विकास का कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं शासन की मंशानुसार जनता की समस्याओं व विकास को यह अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं।