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बेहतर समाज का निर्माण करने को हर बेटी का शिक्षित होना जरूरी

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बहराइच के संत पथिक आशीर्वाद एकेडमी स्कूल में बुधवार को अमर उजाला की ओर से अपराजिता 100 मिलियन स्माइ - फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। विद्यालय हो या खेल का मैदान। हॉबी हो या ज्ञान। सब चीजें एक इंसान के अंदर नहीं हो सकतीं। समाज में एक ही इंसान है जो एक साथ सब कुछ दे सकती है। वह है मां। नैतिकता व गुणों को एक इंसान में ढालना, सही तरीके से कब क्या करना चाहिए और क्या नहीं। यह बच्चों को कौन सिखाता है, उसकी मां। मां मेरी हो या आपकी। वह अपने समय की एक लड़की है। यही लड़की शिक्षित होकर मां के रूप में बच्चों को शिक्षित करती है। एक लड़की ही शिक्षित होकर मां बनकर बच्चे को एक अच्छे नागरिक के रूप में तैयार कर समाज, देश व राष्ट्र का निर्माण करती है। ऐसा तभी संभव है, जब बालिकाएं शिक्षित होंगी। बेहतर समाज का निर्माण करने के लिए हर बेटी का शिक्षित होना जरूरी है।
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यह बातें बुधवार को अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत आशीर्वाद एकेडमी स्कूल में आयोजित बालिका शिक्षा पर संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षिका अर्चना श्रीवास्तव ने कहीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआईओएस राजेंद्र कुमार पांडेय रहे। डायरेक्टर श्रुति अग्रवाल ने मुख्य अतिथि को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। शिक्षिका गौसिया कौशर ने कार्यक्रम का संचालन किया। डीआईओएस ने बच्चों के सवालों के जवाब दिए तो हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
बेहतर शिक्षा से ही होगा समाज का सुधार
हम भारत की बालिका हैं। हम अजेय हैं, हम अपराजिता हैं। जिसने कभी हारना न सीखा, उसी के चेहरे पर मुस्कान रहती है। चेहरे की मुस्कान ही अपराजिता की पहचान है। हम सुधार करेंगे, तभी आजादी मिलेगी। इस बात को हमेशा याद रखिए। आपके जीवन में कभी अंधेरा नहीं आएगा। बेहतर शिक्षा ही समाज को सुधारेगी। बेटियां ही समाज को अब आगे बढ़ा रही हैं।
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राजेंद्र कुमार पांडेय, डीआईओएस
नारी शब्द से बना संसार
बेहतर शिक्षा से छात्राएं आगे बढ़ सकती हैं। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार योजनाएं भी चला रही है। नारी छोटा सा शब्द है, लेकिन पूरा संसार बना हुआ है। नारी की सुरक्षा के लिए अमर उजाला की यह मुहिम काफी सराहनीय है। इससे समाज में बेटियां अपनी आवाज उठाने का हुनर सीखती हैं और अपनी एक अलग पहचान बनाने की प्रेरणा लेती हैं।
श्रुति अग्रवाल, डायरेक्टर
विकास के लिए लड़कियों को करें शिक्षित
आज के समाज में लड़कियों की शिक्षा बेहद जरूरी है। समाज के विकास के लिए लड़कियां कई क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। यह तभी संभव हो सका है, जब अभिभावकोें ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए लड़कियों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए अपने घर से बाहर भेजा। समाज में बेहतर विकास के लिए लड़कियों का अच्छी तरह से शिक्षित होना आवश्यक है। शिक्षित लड़कियां एक खुशहाल समाज बनाने के लिए बेहतर भूमिका निभा रही हैं।
प्रज्ञा दूबे, प्रिंसिपल
रोशनी व उम्मीद हैं महिलाएं
महिलाएं हर युग व काल में एक रोशनी और उम्मीद बन जाती हैं। जब देश की महिलाएं किसी काम को ठान लेती हैं तो फिर परवाह नहीं करतीं। अगर इतिहास के झरोखे से देखें तो रानी लक्ष्मीबाई, बेगम हजरत महल जैसी वीरांगना ने दुश्मन के दांत खट्टे कर दिए। कल्पना चावला, इंदिरा गांधी व किरण बेदी यह सब सशक्त उदाहरण हैं कि महिलाएं कैसे सफलता के शिखर को प्राप्त करती हैं।
गौसिया कौसर, शिक्षिका
शिक्षित नारी बनाएंगी समाज में अलग पहचान
एक नारी की भूमिका समाज में पुरुषों के सापेक्ष किसी भी रूप में कमजोर नहीं है। समाज में बराबर की भूमिका रखने के बाद भी नारी का शिक्षा स्तर बहुत ही निराशाजनक है। शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए हमारी सरकार द्वारा सजगता दिखाते हुए कई योजनाएं चलाकर बालिका शिक्षा की ओर ध्यान दे रही है। अभिभावक भी बेटियों को शिक्षा देने के लिए स्कूल व कॉलेज जरूर भेजें, जिससे नारी का शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग पहचान बने।
अर्चना श्रीवास्तव, शिक्षिका
बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए पहल तो की जा रही है, लेकिन लड़कियों की सुरक्षा में सेंध भी लग रही है। तभी बेटियों के साथ जघन्य घटनाएं घटित हो रही हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर बेटियों को जागरूक करें, जिससे वह खुद अपनी सुरक्षा कर सकें।
सताक्षी अग्रवाल, छात्रा
आज भी समाज में कई घर ऐसे हैं, जहां पर बेटियों को घर से बाहर शिक्षा लेने के लिए नहीं भेजा रहा है। इस प्रथा को तत्काल खत्म कराना चाहिए, जिससे बेटियां घर से बाहर निकलकर बेहतर व अच्छी शिक्षा ले सकें। शिक्षा से ही बेटियां नई ऊंचाइयां हासिल करेंगी।
उमरा, छात्रा
गांव में आज भी लड़कियां पूरी तरीके से शिक्षित नहीं हैं। इसका मुख्य कारण है कि उन्हें शिक्षा से होने वाले फायदों के बारे में पता नहीं है। जब वह शिक्षित होंगी, तभी आगे के लोग भी शिक्षित होंगे और समाज में सुधार हो सकेगा।
पलक जायसवाल, छात्रा
अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय है। वह इसलिए क्योंकि यह कार्यक्रम छात्राओं के अंदर एक आत्मविश्वास पैदा करता है। बेहतर शिक्षा के प्रति भावना पैदा करता है। शिक्षित होने के फायदे को बताकर समाज में पहचान दिलाने का काम कर रहा है।
श्रमि अग्रवाल, छात्रा
सरकार बेटियों की शिक्षा के लिए कदम बढ़ा रही है, उनकी सुरक्षा के लिए योजनाएं चला रही है। यह कदम व योजनाएं धरातल पर निष्पक्ष तरीके सेे लागू हों, जिसका लाभ लेने के लिए कहीं भी किसी प्रकार का जुगाड़ न लगाना पड़े।
नैना त्रिपाठी, छात्रा
समाज में बेहतर विकास के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन छात्राओं को इस शिक्षा को प्राप्त करने के लिए कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है। सरकार की योजनाओं से बेटियों को सुरक्षित होने का अहसास कराया जाए, जिससे वह बेहतर शिक्षा ले सकें।
श्रृष्टि बाजपेयी, छात्रा
अमर उजाला की मुहिम अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स बेटियों के हौसले को बढ़ाने का काम कर रही है। इससे जहां बेटियों को बढ़ाने का काम कर रहा है, वही पढ़ाई की ओर आकर्षित कर शिक्षित होने का उजाला फैला रहा है जो कि काफी सराहनीय है।
ऊर्जा जैन, छात्रा
विज्ञान इतना आगे जा रहा है, यह तो सराहनीय है, लेकिन इसी विज्ञान के माध्यम से पहले से ही पता कर लिया जाता है कि मां की कोख में कौन पल रहा है। इस पर पूरी तरीके से रोक लगाना चाहिए। ऐसा करने वालों को कठोर सजा दी जाए।
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खुशी अग्रवाल, छात्रा
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