फत्तेपुर बनगई के मजरा बांसगढ़ी में चिकनपॉक्स का प्रकोप चरम पर है। इसकी चपेट में आने से गांव के 25 लोग बीमार है। इसकी सूचना के बाद भी चिकित्सकों की टीम ने गांव का दौरा नहीं किया है। जमुनहा विकास क्षेत्र के ग्राम फत्तेपुर बनगई के मजरा बांसगढ़ी में चेचक फैल गया है।
इसकी चपेट में आने से अरुण कुमार शुक्ला, नंदकिशोर गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता, बाबू मौर्य, बिच्छू, संदीप, कुलेराज, रीमा सहित 25 लोग बीमार है। इसकी सूचना पीड़ित परिवारीजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर में तैनात चिकित्सक को दी लेकिन इसके बाद भी प्रभावित गांव तक चिकित्सकों की टीम नहीं पहुंची।
फत्तेपुर बनगई के मजरा बांसगढ़ी में फैले चेचक को ग्रामीण बड़ी माता का प्रकोप मान रहे हैं। ऐसे में परिवारीजन पीड़ितों को अस्पताल न ले जाकर उन्हें भाग्य के सहारे छोड़ दिया है। ग्रामीण इसे देवी का प्रकोप मानकर घरों में तला भुना भोजन पकाने से परहेज कर रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि यह बीमारी स्वशन तंत्र में होने वाला एक संक्रमण है, जो एक विषाणु से फैलता है। यह संक्रामक है, जो छींकने व खांसने से हवा के माध्यम से फैलता है।
आंख, नाक से पानी आना, गले के ऊपरी हिस्सों, चेहरों पर दाने निकलना, बाद में पूरे शरीर पर फैलना खसरा या चेचक के प्रमुख लक्षण है। इसका समय पर बेहतर इलाज न होने से लोगों की मौत भी हो जाती है।
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश मातनहेलिया ने बताया कि खसरा व चेचक का कोई विषेश इलाज नहीं है। केवल अतिरिक्त तरल पदार्थ, बुखार में पैरासिटामाल की गोली, विटामिन ए व जेडएन की अतिरिक्त खुराक देने से राहत मिलती है। ऐसे में प्रभावितों को बाकी लोगों से अलग रखना चाहिए।