हर गली मुहल्ले पर पुलिस बल तैनात।
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राम गोपाल मिश्रा हत्याकांड के भड़की भीड़ को कंट्रोल करने के लिए महसी में एसटीएफ की भी चार टीमें लगी हुई हैं। वहीं एसटीएफ चीफ अमिताफ एस भी कैंप कर चुके हैं। एसटीएफ घटना के मुख्य आरोपियों अब्दुल हमीद, उसके बेटों आदि को तलाशने में जुटी है। आरोपियों के बेहड़ा में छिपे होने की आशंका में मंगलवार को एसटीएफ टीम को बेहड़ा में अभियान चलाते देखा गया। वहीं एसटीएफ खैरा बाजार में भी अभियान चला रही है।
बुधवार को पांच पर शांतिभंग की कार्रवाई, भेजे गए जेल
महराजगंज की घटना के बाद से पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। बुधवार को हरदी पुलिस ने पांच लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई की। हरदी प्रभारी कमलशंकर चतुर्वेदी ने बताया कि शिवम वर्मा, राजन सिंह, सुशील तिवारी, विशाल अवस्थी व शिवाकांत पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 55 से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला
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महसी तहसील क्षेत्र के महाराजगंज कस्बे से बीते रविवार को दुर्गा प्रतिमा विर्सजन के दौरान शुरू हुई हिंसा में पूरे मामले की रिपोर्ट सीएम योगी ने तलब की है। सूत्र बताते है कि इसकी रिपोर्ट जिला पुलिस व प्रशासन के स्तर से भेजी जा चुकी है। ऐसे में जल्द ही पूरी रिपोर्ट सीएम के सामने होगी। वहीं इस मामले में जो भी उपद्रवी है उनको सीसीटीवी व सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फुटेज के आधार पर चिन्हित करने का काम किया जा रहा है। प्रभावित इलाके को सुरक्षा के लिए नौ सेक्टर में बांटा गया है और पुलिस व प्रशासन के आला अफसर लगातार क्षेत्र में गश्त करने के साथ ही कैंप भी कर रहे है। इसी का नतीजा रहा कि बुधवार को किसी प्रकार की हिंसा सामने नहीं आई है।
बता दें कि हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक तथ्यों को प्रसारित कर तमाम लोगें ने जिले का माहौल बिगाड़ने का प्रयास भी किया गया है। अब पुलिस ने इसकी गहनता से जांच शुरू की है। सोशल मीडिया पर कई वायरल वीडियो व संदेशों को लेकर भी पुलिस टीमें लगातार जांच कर रही है।
वहीं जिले के हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों को नौ सेक्टर में बांटा गया है। सीएम कार्यालय के द्वारा पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों से पल-पल की जानकारी ली जा रही है। इसके लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। वीडियो फुटेज के माध्यम से उपद्रवियों काे चिन्हित कर उनकी तलाश भी की जा रही है।
प्रभावित इलाके में किसी भी पार्टी के नेता के जाने पर रोक
हिंसा प्रभावित इलके में जाने के लिए जिले व प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के द्वारा जिला प्रशासन से अनुमित लेने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन डीएम व एसपी के स्तर से प्रभावित क्षेत्र में किसी भी को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अफसरों का मानना है कि यदि प्रभावित इलाके में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की सक्रियता बढ़ेगी तो इससे माहौल खराब हो सकता है। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही वहां पर किसी को भी जाने की अनुमति मिल सकेगी।