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Bahraich: छह दिन की जगह अब सिर्फ दो दिन का होगा उर्स, नहीं लगेगा मेला, धार्मिक परंपराओं का ही होगा पालन

Tue, 30 Dec 2025 07:17 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच

सार

बहराइच की गाजी दरगाह पर उर्स रजब 2026 अब छह दिन की बजाय सिर्फ दो दिन मनाया जाएगा। दरगाह प्रबंधन समिति ने प्रशासन को शपथपत्र सौंपा है। हाईकोर्ट के आदेशों के तहत मेला नहीं लगेगा और भीड़ नियंत्रण के कड़े इंतजाम होंगे।
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लगाई गई बैरिकेडिंग - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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सैय्यद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर प्रस्तावित उर्स रजब 2026 अब छह दिनों के बजाय केवल दो दिन आयोजित होगा। दरगाह प्रबंधन समिति ने हाईकोर्ट के आदेशों और कानून-व्यवस्था को देखते हुए उर्स की अवधि घटाकर तीन व चार जनवरी तय कर दी है। इस दौरान किसी प्रकार का मेला नहीं लगेगा। इस संबंध में दरगाह प्रबंधन समिति ने जिला प्रशासन को शपथपत्र सौंपा है।

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नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि दरगाह प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने प्रशासन से मुलाकात कर शपथपत्र दिया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि उर्स अब केवल दो दिन मनाया जाएगा। न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए केवल धार्मिक परंपराएं निभाई जाएंगी और किसी भी प्रकार का मेला आयोजित नहीं होगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी।

छह दिवसीय उर्स को लेकर बनी थी असमंजस की स्थिति

दरगाह प्रबंधन समिति की ओर से पहले प्रशासन को पत्र भेजकर उर्स रजब के आयोजन में सहयोग मांगा गया था। पत्र में उल्लेख था कि परंपरागत रूप से उर्स छह दिनों तक चलेगा, जिसमें कव्वाली, चादरपोशी, लंगर वितरण, नातिया मुशायरा, मिलाद शरीफ, कुरानख्वानी और आम जियारत जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। समिति ने यह भी बताया था कि उर्स के दौरान बहराइच समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दरगाह पहुंचते हैं।

एलआईयू रिपोर्ट के बाद बढ़ी सतर्कता

इस मामले में एलआईयू ने मंडलायुक्त समेत अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर आगाह किया था कि हाईकोर्ट के आदेशों के तहत भीड़भाड़ वाले आयोजनों पर रोक है। ऐसे में उर्स का वृहद आयोजन कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। रिपोर्ट में बीते महीनों में अन्य स्थानों पर हुई सांप्रदायिक घटनाओं, विरोध प्रदर्शनों और हिंसक मामलों का हवाला देते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई थी।

मंडलायुक्त के निर्देश पर हुआ समाधान

एलआईयू की रिपोर्ट के बाद मंडलायुक्त शशि भूषण लाल ने जिला प्रशासन को मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन और दरगाह प्रबंधन समिति के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद समिति ने हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में छह दिवसीय उर्स को घटाकर दो दिन का करने का निर्णय लिया।
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यह है हाईकोर्ट का आदेश

उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि दरगाह पर केवल आवश्यक और नियमित धार्मिक गतिविधियां ही सीमित संख्या में की जा सकती हैं। किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ या ऐसा आयोजन, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो, उसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।

भीड़ नियंत्रण के लिए लिखा पत्र

नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि उर्स के दौरान किसी प्रकार का मेला आयोजित नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस प्रशासन को पत्र भेजा गया है। सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए दरगाह परिसर और आसपास बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
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