रास्ते में ससुराल पक्ष के कुछ लोगों ने उसे घेर लिया
शुक्रवार दोपहर बाद शादाब खेत की ओर गया था। शाम को लौटते समय रास्ते में ससुराल पक्ष के कुछ लोगों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि पुरानी बातों को लेकर पहले कहासुनी हुई, इसके बाद हमलावरों ने लाठी-डंडों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग दौड़ते, शादाब गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस क्षेत्राधिकारी नानपारा पहुंप सिंह और रुपईडीहा थाने के प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत ने घटना स्थल का निरीक्षण किया है। सीओ ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत का कहना है कि प्रेम विवाह को लेकर हत्या का मामला लग रहा है। मृतक के पिता मुनव्वर की तहरीर पर हसीब समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं।
शादी से नाखुश था यास्मीन का भाई
गांव निवासी शादाब और यास्मीन एक-दूसरे से प्रेम करते थे। करीब एक वर्ष पूर्व दोनों घर से चले गए थे। यास्मीन मुस्लिम समुदाय की जोगी बिरादरी से ताल्लुक रखती है, जबकि शादाब साईं बिरादरी का था। बाद में गांव के लोगों ने पंचायत कर दोनों परिवारों को शादी के लिए राजी कर लिया था। इसके बाद शादाब बरात लेकर यास्मीन के घर पहुंचा और धूमधाम से दोनों की शादी हुई।
शादी के बाद कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रूप से चलता रहा, लेकिन यास्मीन का भाई हसीब इस रिश्ते से सहमत नहीं था। शादाब के पिता मुनव्वर ने बताया कि हसीब आए दिन शादाब से विवाद करता रहता था। शुक्रवार शाम गांव के बाहर शादाब को अकेला पाकर हसीब ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला।