उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर अमर उजाला की टीम जमीनी परिवर्तनों को समझ रही है। इसी क्रम में टीम बहराइच पहुंची। टीम ने यहां के निवासियों से बातचीत की। लोगों से नानपारा बाईपास के निर्माण से आने वाले परिवर्तन, जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और विकास कार्यों समेत अन्य मुद्दों पर बातचीत की गई। इस ग्राउंड रिपोर्ट में बहराइच में आए बदलावों की हकीकत सामने आई।
नानपारा बाईपास से लोगों के जीवन ने आया कितना बदलाव?
इस सवाल का जवाब देते हुए स्थानीय निवासी जयजय अग्रवाल ने बताया कि इसके बनने से बहुत फायदा हुआ। शहर को जाम से निजात मिली। पहले बहुत ज्यादा जाम होता था। अब सारे बड़े वाहन बाहर से निकल जाते हैं। पहले हम लोगों को लखनऊ जाने में कम से कम 4-5 घंटे लगते थे। आज डेढ़ से 2 घंटे के अंदर हम लोग पहुंच जाते हैं। शहर में सारी रोडें बन गईं जो बिल्कुल जर्जर स्थिति में थीं। योगी जी का काम बहुत ही सुंदर है। मुख्यमंत्री के तौर पर उनको पसंद करते हैं।
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स्वास्थ्य सेवाएं कितनी हुईं मजबूत?
इस सवाल का जवाब तलाशते हुए हम पहुंचे, यहां स्थित मेडिकल कॉलेज में। यहां कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. संजय खत्री ने बताया कि यह मेडिकल कॉलेज साल 2019 में शुरू हुआ और इसमें शुरुआत में 100 एमबीबीएस की सीटें थीं। इस समय 2026 में हमारे दो बैच निकल चुके हैं। पांच विषय में पीजी अभी चल रहा है। 55 पीजी छात्र हैं, इसके अलावा हमारे चार बैच नर्सिंग कॉलेज चल रहे हैं। जिसमें एक बैच में 60 विद्यार्थी हैं। पैरामेडिकल के तीन बैच चल रहे हैं। जिसमें 90 स्टूडेंट प्रति बैच हैं। इसके अलावा हमारे पास 50-50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट बन रहा है।
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जिले के विकास को कितनी मिली रफ्तार?
इस सवाल की तलाश में हमारी टीम सुहेलदेव स्मारक जा पहुंची। यहां स्थानीय निवासी सुखदेव पांडेय ने बताया कि 2025 में यह बनकर तैयार हुआ। स्मारक बनने से पहले यहां पर झाड़ियां थीं। यहां पर पार्क, रोड बनी हुई हैं। दुकानें हैं, कैंटीन है। महाराज सुहेलदेव का मंदिर भी है। इसके बनने से यहां आने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पहले बीच में गेट बंद भी था। अब गेट चालू हो गया है। अंदर वीआईपी गेस्ट हाउस है। फेस्टिवल हॉल है और डॉरमेट्री धर्मशाला है। लैट्रिन, बाथरूम और पार्किंग, हर चीज की व्यवस्थाएं हैं।
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