मगरमच्छ हमले में बच्चे को खा गया।
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सरयू नदी में मगरमच्छ के हमले में 12 वर्षीय बालक की मौत के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। शनिवार को वन संरक्षक रेनू सिंह तिकुरी गांव पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने लोगों को नदी किनारे विशेष सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए कहा कि सरयू मगरमच्छों और अन्य जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास है। ऐसे में अनावश्यक रूप से नदी में उतरने या उसके किनारे जाने से बचें।
वन संरक्षक ने ग्रामीणों से कहा कि बरसात के मौसम में मगरमच्छ नदी के किनारों तक आ जाते हैं इसलिए बच्चों को अकेले नदी के पास न जाने दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में पहले भी मगरमच्छों के दिखाई देने और हमलों की घटनाओं का जिक्र करते हुए स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग की। इस पर वन संरक्षक ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने, मुनादी कराने और लोगों को अकेले नदी में न उतरने के लिए लगातार प्रेरित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि नदी किनारे रहने वाले सभी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। वन विभाग भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश देने का अभियान जारी रखेगा।