जरवलरोड (बहराइच)। राजधानी को देवीपाटन मंडल के सभी जिलों से जोड़ने वाले घाघरा पुल (संजय गांधी सेतु) का ज्वाइंटर एक बार फिर दरक गया। शनिवार देर रात दरका ज्वाइंटर सोमवार शाम तक दुरुस्त नहीं किया जा सका। इस वजह से पुल के दोनों तरफ लंबा जाम लगा रहा। सूचना पर एनएचएआई के स्थानीय अभियंता टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मुआयना किया। बता दें कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक इस पुल पर ज्वाइंटर दरकने की यह तीसरी घटना है। अफसरों के मुताबिक, प्रस्तावित फोरलेन निर्माण के समय यहां दूसरा ब्रिज भी बनना है इसलिए ज्वाइंटर ठीक कराकर काम चलाएंगे।
यह पुल 1981 में बनाया गया था। उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने किया था। यह ब्रिज 41 वर्ष का हो चुका है। पुल का ज्वाइंट क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं अब लगातार हो रहीं हैं। इस साल फरवरी और अप्रैल में भी पुल का ज्वाइंटर दरक गया था। बीते वर्ष 2021 में भी पांच बार ज्वाइंटर दरका था। ऐसी स्थिति में यह पुल लगातार असुरक्षित होता जा रहा है। लोग पुल के प्रति कई तरह का कयास लगा रहे हैं।
पुल का ज्वाइंटर दरकने से वाहन गुजरने में दिक्कत हो रही है। वन-वे कराकर किसी तरह वाहनों को पास कराया जा रहा है। इस वजह से पुल के दोनों तरफ लंबा जाम लगा है। भीषण गर्मी में यात्री परेशान हो रहे हैं। सोमवार को एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक वाहनों की कतार लगी रही। वाहन रेंग-रेंगकर गुजरते रहे। यात्रियों ने कहा कि यह दिक्कत बार-बार सामने आ रही है। हर बार पुल के ज्वाइंटर में छति होती है, सरकार इस विषय पर गंभीरता से नहीं सोच रही है।
संजय गांधी सेतु देवीपाटन मंडल के चारों जिलों को राजधानी से जोड़ता है। गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर से राजधानी आने-जाने वाले लोग इसी पुल से होकर गुजरते हैं। यहां तक कि नेपाल जाने का भी यही रास्ता है। ऐसी स्थिति में यह पुल बहुत महत्वपूर्ण है। एक अनुमान के मुताबिक, करीब 30 हजार वाहन प्रतिदिन इस सेतु से होकर गुजरते हैं। यही नहीं नजदीक होने के कारण सिद्धार्थनगर के भी काफी यात्री इसी रास्ते से गुजरते हैं।
इस वर्ष तीसरी बार ज्वाइंटर पर छति पहुंचीइस ब्रिज के ज्वाइंटर पर लगातार छति पहुंच रही है। छति होने के बाद विभागीय कर्मचारी इसकी मरम्मत कर देते हैं। पिछले कई वर्षों से ऐसे ही काम चलाया जा रहा है। बता दें कि इस वर्ष तीसरी बार ज्वाइंटर पर छति हुई है। खास बात यह है कि पहले होने वाली छति आंशिक होती थी, लेकिन इस बार बड़ी छति हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली बार बड़ी छति दिख रही है। इसे देखकर डर लग रहा है।
ज्वाइंटर देखने मैं खुद टीम के साथ गया था। दिक्कत की कोई बात नहीं। इसे जल्द ठीक करा लिया जाएगा। पुल में कोई दिक्कत नहीं है। यहां पर फोरलेन ब्रिज प्रस्तावित है। नया ब्रिज बनने के बाद लोगों को स्थायी रूप से राहत मिल जाएगी।
- प्रमोद यादव, स्थानीय अभियंता, एनएचएआई, बहराइच