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काले मेघों ने सराबोर की तराई, किसानों के चेहरे खिले

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बहराइच। देरी से ही सही लेकिन किसानों का इंतजार खत्म हो गया। मंगलवार देर रात हुई बारिश ने काफी राहत दी है। बुधवार सुबह तक बादल तराई को सराबोर करते रहे। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। धान की नर्सरी को पानी मिल गया। वहीं, मौसम का मिजाज देख कई किसानों ने धान की रोपाई भी शुरू कर दी है। बुधवार को रिसिया, बौंडी, चित्तौरा, खैरीघाट आदि इलाकों में धान की रोपाई करते तमाम किसान दिखे।
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खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान की रोपाई के लिए बीते कई दिनों से किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार रात काले मेघों ने उनकी मुराद पूरी कर दी। बारिश का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा इससे धान की नर्सरी को संजीवनी मिल गई। फखरपुर ब्लॉक के किसान शिवकूूमार ने बताया कि बारिश से खेतों में नमी आ गई है। इससे धान की रोपाई में पानी कम लगेगा। वह एक-दो दिनो में रोपाई करेंगे। चित्तौरा निवासी किसान मोलहे ने बताया कि बारिश से धान की नर्सरी तेजी से बढ़ेगी और पांच से छह दिनों में धान की रोपाई शुरू हो जाएगी।
रिसिया विकासखंड के ग्राम पंचायत समसा तरहर में बारिश के बाद महिलाएं खेतों में धान की रोपाई करती दिखीं। इस दौरान कई महिलाओं को कजरी गीत गाते सुना गया। इसी प्रकार तेजवापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत ख्वाजगीपुर में भी महिलाओं व पुरुषों को धान की रोपाई करते देखा गया। खैरीघाट, फखरपुर, बाबागंज, चित्तौरा आदि ब्लॉकों में भी कई किसानों ने बारिश के बाद धान की रोपाई शुरू की।
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