रुपईडीहा(बहराइच)। श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक हनुमान सरोवर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सरोवर की सीढ़ियों पर फैली गंदगी साफ कराई जाएगी और पांच नई सीढ़ियां बनाई जाएंगी। सरोवर के चारों ओर वॉकिंग एरिया भी बनाया जाएगा और आने वालों के बैठने के लिए आकर्षक बेंच लगाई जाएंगी। यही नहीं सरोवर के पास सुगंधित फूलों की फुलवारी विकसित की जाएगी ताकि नेपाली पर्यटक इसका लुत्फ उठा सकें। सरोवर को सुंदर झील की तरह विकसित किया जाएगा। नवाबगंज ब्लॉक की ओर से सरोवर के सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू करवा दिया गया है।
कस्बा स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां बने हनुमान सरोवर के किनारे प्रति वर्ष सैकड़ों मुंडन संस्कार व अन्य धार्मिक आयोजन होते हैं। सरोवर के तट पर महिलाएं छठ पूजा करती हैं तो नेपाली महिलाएं भी विभिन्न त्योहारों पर पूजन के लिए सरोवर पहुंचती हैं। इसे देखते हुए नवाबगंज ब्लॉक की ओर से इस सरोवर के सौंदर्यीकरण व इसे पर्यटन के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है और कार्य शुरू करवाया गया है। खंड विकास अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि संकटमोचन हनुमान मंदिर स्थित हनुमान सरोवर का सौंदर्यीकरण कर पर्यटन स्थल के रूप में बनाने का प्रयास किया जा रहा है जिससे सीमावर्ती क्षेत्र में आने वाले नेपाली मूल के लोग वहां बैठकर पूजा-पाठ कर सकते हैं और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद भी प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि तालाब के किनारे पांच स्टेप में सीढ़ियां बनाई जाएंगी। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि तालाब का आकार छोटा न हो। पूजा-अर्चना व पर्यटन के लिए आने वालों के बैठने के लिए सरोवर के किनारे आकर्षक बेंच लगवाई जाएगी। सुबह प्राकृतिक वातावरण में टहलने वालों की सुविधा के लिए सरोवर के चारों ओर वॉकिंग एरिया विकसित किया जाएगा। प्राकृतिक छटा के लिए सरोवर के किनारे सुगंधित फूलों की फुलवारी लगाई जाएगी जिसमें मोरपंख, गुलाब आदि के पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सौंदर्यीकरण कार्य हो जाने के बाद यह सरोवर एक सुंदर झील के रूप में दिखाई देगा।
हनुमान सरोवर तट के चार में तीन छोर ही सौंदर्यीकरण के लायक हैं। एक छोर पर दुकानें व मंदिर निर्मित है। दूसरे छोर पर ग्राम पंचायत की ओर से पूर्व प्रधान जुबेर अहमद फारुकी ने 6 जुलाई, 2020 को 13 सीढ़ियां बनवाई थीं जिससे छठ पूजा करने वाले श्रद्धालुओं को काफी आसानी हुई। इससे पूर्व महिलाओं को गंदे पानी में छठ पूजा करनी पड़ती थी। समाजसेवी विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि उस समय 13 सीढ़ियों के निर्माण में लगभग 15 लाख रुपये की लागत आई थी। हिंदू युवा वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र मद्धेशिया ने बताया कि पूर्व में बनवाई गईं 13 सीढ़ियां वर्तमान में लापरवाही के चलते गंदगी से पटी हैं। इनकी साफ-सफाई भी नितांत आवश्यक है।