खैरीघाट/रुपईडीहा (बहराइच)। तहसील महसी के रामगांव, मटेरा व किशुनपुर मीठा क्षेत्र में अज्ञात कारणों से आग लगने से लगभग दो दर्जन किसानों की 150 बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। आग लगने की सूचना पर क्षेत्रीय पुलिस कर्मी व अग्निशमन वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन फसल बचा नहीं सके। क्षेत्रीय विधायक व एसडीएम ने मौके का निरीक्षण कर पीड़ितों को शीघ्र सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया। उधर, नेपाल के कैलाली जिले में भी आग लगने से 70 कच्चे घर जलकर राख हो गए।
मटेरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत शंकरपुर लक्ष्मणपुर में विजय कुमार, उत्तम, शुद्धिलाल, रामकुमार, रामचंद्र, आरती देवी, रामेश्वर, संतलाल, सत्यप्रकाश सिंह, मिश्रीलाल, सत्यवती सिंह व राकेश समेत लगभग दो दर्जन किसानों के खेतों में अज्ञात कारणों से आग लगी गई। आग की लपटें उठती देख ग्रामीणों में बचाव के लिए चीखपुकार मच गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना अग्निशमन कर्मियों को भी दी। ग्रामीणों ने एकजुट होकर आग बुझाने के प्रयास तेज कर दिए, लेकिन हवा तेज होने के कारण आग की लपटों ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। जब तक अग्निशमन कर्मी मौके पर पहुंचते तब तक आग की चपेट में आने से लगभग डेढ़ सौ बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई।
घटना की सूचना पाकर विधायक महसी सुरेश्वर सिंह व एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर क्षति का आंकलन करते हुए शीघ्र ही पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उधर, महसी तहसील के ही किशुनपुर मीठा में भी खेतों में आग लगने से फसल के नुकसान की सूचना मिली है। पड़ोसी देश नेपाल के कैलाली जिले में बिपतपुर स्थित कमैया शिविर में अज्ञात कारणों से आग लगने से 70 कच्चे मकान जलकर नष्ट हो गए। आग लगने से मकानों में रखा अनाज व कपड़ों समेत गृहस्थी का अन्य सामान भी जलकर नष्ट हो गया। कई मवेशी भी आग की चपेट में आकर जल गए। सभापति कमल प्रसाद चौधरी ने बताया कि नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है। आग लगने पर नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल व गौरीगंगा नगरपालिका की दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया।