बहराइच। पयागपुर तहसील क्षेत्र में तैनात एक लेखपाल अपना सारा प्रशासनिक कार्य बेटे से करा रहा है। बेटे के पास ही सारे सरकारी अभिलेख मौजूद हैं। बेटा ही बैठकों में जाता है। समस्त विवादों की सुनवाई भी वही करता है। बेटे ने वरासत के कई प्रकरण बिना स्थलीय निरीक्षण-परीक्षण के ही निपटा दिए। तहसीलदार के पास यह शिकायत पहुंचने पर जांच कराई गई। मामला सही पाए जाने पर तहसीलदार ने लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।
पयागपुर तहसील क्षेत्र के चंदवापुर के लेखपाल तीरथराम यह कारनामा करा रहे हैं। इनके पुत्र शिवम कुमार को ही क्षेत्रवासी असली लेखपाल के रूप में जानते हैं। लेखपाल पुत्र शिवम कुमार के खिलाफ जब शिकायत हुई तो तहसीलदार मुकेश शर्मा ने मामले की जांच कराई। जांच में पता चला कि आईजीआरएस संबंधी मामलों का निस्तारण लेखपाल तीरथराम नहीं कर रहे हैं। इस कारण सैकड़ों आईजीआरएस संदर्भ डिफॉल्टर हो गए हैं। तीरथराम अपने बेटे शिवम से लेखपाली करा रहे हैं।
वह वरासत के किसी भी प्रकरण पर मौके पर नहीं जाते हैं। कागजों पर ही निपटा देते हैं। अफसरों और लेखपालों के बीच होने वाली बैठकों में भी लेखपाल पुत्र शिवम ही मौजूद रहता है। सारे शासकीय कार्य शिवम ही कर रहा है। गोपनीय पत्रावलियां तक उसकी के पास हैं। यहां तक कि आय, जाति व निवास प्रमाणपत्रों पर भी शिवम ही हस्ताक्षर करता है। अपने क्षेत्रों के समस्त विवादों को निपटाने का जिम्मा लेखपाल ने अपने बेटे को ही दे रखा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद तहसीलदार भी हैरान हैं। उन्होंने जांच आख्या एसडीएम को भेजते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की है।