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बिना ई-केवाईसी 11वीं किस्त जारी नहीं की जाएगी

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बहराइच। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है। इस बार अप्रैल माह में आने वाली सम्मान निधि की 11वीं किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी जिन्होंने 31 मार्च से पहले ई-केवाईसी करवा लिया होगा। ई-केवाईसी करवाने के लिए जनसेवा केंद्रों पर किसानों की भारी भीड़ जमा हो रही है। किसानों की सुविधा के लिए कृषि विभाग की ओर से भी ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर किसानों की ई-केवाईसी करवाई जा रही है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को तीन किस्तों में दो-दो हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। सम्मान निधि योजना योजना के पोर्टल पर जिले के 5.78 लाख किसान पंजीकृत हैं जिनमें से 5.29 लाख किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। सभी किसानों के खातों में योजना के तहत 2000 की दसवीं किस्त भी जा चुकी है। लेकिन जिले के कई लोग योजना का फर्जी लाभ भी उठा रहे थे जिसे रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से योजना की 11 वीं किस्त के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत किसानों को जनसेवा केंद्रों के माध्यम से पीएम किसान पोर्टल पर आधार कार्ड रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा।
मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी से पीएम किसान पोर्टल पर सत्यापन करना होगा। जिन किसानों का मोबाइल नंबर आधार कार्ड से रजिस्टर्ड नहीं है उनको सबसे पहले जनसेवा केंद्रों के माध्यम से बायोमैट्रिक सत्यापन करवाकर मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक करवाना होगा ताकि पीएम किसान पोर्टल पर उनका ई-केवाईसी पूर्ण हो सके। 11 वीं किस्त के लाभ के लिए ई-केवाईसी करवाने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। अब तक जिले के एक लाख से अधिक किसानों ने ई-केवाईसी करवा लिया है।
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ई-केवाईसी करवाने के लिए कृषि विभाग की ओर से जिले के विभिन्न ब्लॉकों में कैंप का आयोजन किया जा रहा है। किसान इन कैंपों में जाकर अपना ई-केवाईसी करवा सकते हैं। कृषि विभाग की ओर से संचालित कैंपों में अब तक 4221 किसानों का ई-केवाईसी किया गया है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ था जिसे खत्म करने के लिए सरकार की ओर से 11वीं किस्त के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। जिले के 1388 किसान ऐसे थे जो भ्रष्टाचार कर किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे थे। इन सभी किसानों के खिलाफ जांचकर कृषि विभाग की ओर से वसूली की कार्रवाई की गई है और अब तक 27 लाख 76 हजार रुपये वसूले गए हैं।
किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवाडे़ को रोकने के लिए ई-केवाईसी का प्रावधान किया गया है। किसान नजदीकी जनसेवा केंद्र या कृषि विभाग के कैंप में ई-केवाईसी करवा लें। 31 मार्च तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण करने वाले किसानों के खाते में ही 11 वीं किस्त आएगी।
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- टीपी शाही, उप कृषि निदेशक
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