बहराइच। अब रुपईडीहा से बाराबंकी वाया बहराइच की राह और आसान होने जा रही है। अब यह मार्ग स्वर्णिम चतुर्भुज की तर्ज पर फोरलेन बनाया जाएगा। इसके लिए नेशनल हाईवे से जुड़े अधिकारियों का एक सर्वे पूरा हो चुका है। एक सर्वे और होने वाला है। इसके बाद डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाई जाएगी। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस बड़ी परियोजना पर करीब दो हजार करोड़ का खर्च संभावित है। कहां अंडर पास बनेगा और कहां उपरिगामी सेतु बनेगा यह डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
2014 में केंद्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद वर्षों से जीर्णशीर्ण इस मार्ग का कायाकल्प किया गया था। बाराबंकी से रुपईडीहा तक करीब 160 किलोमीटर की पूरी सड़क बनाई गई थी। करीब 1600 करोड़ रुपये का खर्च आया था। केंद्र में परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस सड़क के निर्माण के लिए शिलान्यास कर निर्धारित समय सीमा में बनवा भी दिया था, लेकिन अब सड़क फोरलेन बनने जा रही है। फोरलेन करने के पीछे दो मकसद बताए जा रहे हैं। पहला तो अंतरराष्ट्रीय सीमा को प्रदेश की राजधानी से फोरलेन से जोड़ना और दूसरा क्षमता से अधिक वाहनों का सरलता से आवागमन।
इस मार्ग पर कैसरगंज और जरवल कस्बे की बाजार पड़ती है। बताया जा रहा है कि हाईवे इन दोनों बाजारों के बीच से न गुजरकर बाईपास से गुजरेगा। इसके लिए भूमि अधिग्रहण भी किया जाएगा। बाईपास कितना बड़ा होगा यह डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में ही स्पष्ट होगा। जरूरत पड़ी तो रामनगर में भी बाईपास बनाया जाएगा।
प्रस्तावित फोरलेन में 7.18 मीटर अप लेन होगी जबकि 7.18 मीटर की डाउन लेन होगी। 1.2 मीटर या इससे अधिक चौड़ा मेडियन (डिवाइडर) होगा। अप और डाउन लेन के किनारे दो-दो मीटर का शोल्डर होगा। इसके अलावा सर्विस रोड भी प्रस्तावित है। वर्तमान में यह सड़क 10 मीटर चौड़ी है।
एक सर्वे हो चुका है। इस मार्ग की डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होनी है। प्रस्तावित मार्ग को लेकर अध्ययन किया जा रहा है। वास्तविक स्थिति डीपीआर तैयार होने के बाद ही सामने आ सकेगी। - प्रमोद यादव, रेजीडेंट इंजीनियर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया