बहराइच। थाना रामगांव निवासी एक अभियुक्त को बुधवार को हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट ने सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अभियुक्त को पांच हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। एडीजीसी क्रिमिनल सुनील कुमार जायसवाल ने बताया कि थाना रामगांव निवासी पारसनाथ तिवारी ने थाने पर तहरीर देकर कहा था कि उसके पिता रामप्रसाद की विमल कुमार तिवारी, अरुण कुमार मिश्र, गुन्नू व सियाराम से पुरानी रंजिश चली आ रही थी।
वह अपने पिता के साथ चार सितंबर, 2003 को गाय खरीदने के लिए उत्तम नगर चौराहे गया था। लौटते समय रास्ते में ग्राम फत्तेपुरवा दाखिला बेहटाभया स्थित एक बाग के पास अभियुक्तों ने रोककर हमला कर दिया। गुन्नू ने डंडे से पिता के सिर पर वार किया जिससे पिता की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। एडीजीसी क्रिमिनल जायसवाल ने बताया कि बुधवार को मुदकमे में सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट मनोज कुमार मिश्रा द्वितीय ने विमल कुमार तिवारी व अरुण कुमार को दोषमुक्त कर दिया जबकि सियाराम की मुकदमे के दौरान मौत हो जाने से उनका मुकदमा उपशमित कर दिया गया।
न्यायाधीश ने गुन्नू को दोष सिद्ध करते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि न्यायाधीश ने अभियुक्त को पांच हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।