विशेश्वरगंज (बहराइच)। पुरैना बाजार में नकाबपोश डकैतों ने असलहे की नोक पर लाखों की डकैती की वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर डकैतों ने दंपती की पिटाई कर दी। डकैतों के जाने के बाद दंपती चिल्लाए तो आसपास के ग्रामीण एकत्र हुए और घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने इलाज के लिए बहराइच मुख्यालय रेफर कर दिया, लेकिन दंपती को श्रावस्ती जिले के अस्पताल में भर्ती कराया गया। चर्चा है कि पुलिस ने मामला छिपाने के लिए ऐसी गणित लगाई। वहीं एएसपी ने लूट की बात बताकर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश थानाध्यक्ष को दिए हैं।
विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के पुरैना बाजार निवासी 35 वर्षीय खलील पुत्र इस्माइल अपनी पत्नी 33 वर्षीय सोना के साथ रोजाना की तरह सोमवार रात भी खाना खाकर सो रहे थे। आरोप है कि रात में लगभग साढ़े 12 बजे के आसपास छह नकाबपोश डकैत चैनल का ताला तोड़कर घर में घुसे। आहट सुनकर दंपती की आंखें खुल गईं। डकैतों ने असलहा दिखाकर मुंह बंद रखने की चेतावनी दी और घर में रखे 35 हजार नगद व एक लाख का सामान लेकर जाने लगे।
पीड़ित ने बताया कि जब विरोध करने के लिए चिल्लाया तो डकैतों ने मिलकर पिटाई कर दी। पत्नी के गर्भवती होने के कारण उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े। घटना की जानकारी डायल 112 को देने के बाद दंपती को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि दोनों की हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल, बहराइच रेफर कर दिया, लेकिन घायल दंपती को जिला मुख्यालय पहुंचने के बजाय श्रावस्ती के अस्पताल में भर्ती कराया गया जो चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि घटना की जानकारी के बाद लगातार विशेश्वरगंज थानाध्यक्ष मामले को दबाने में जुटे रहे। थानाध्यक्ष फोन उठाने से भी कतराते रहे। एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी।
देवीपाटन मंडल में सबसे बेहतर इलाज के लिए बहराइच का जिला अस्पताल जाना जाता है। ऐसे में विशेश्वरगंज सीएचसी से दंपती को रेफर करने के बाद श्रावस्ती के अस्पताल में क्यों पहुंचाया गया, यह बात किसी को हजम नहीं हो रही है। क्षेत्र में चर्चा है कि मामले को दबाने के लिए दंपती को वहां भेजा गया। हालांकि, एएसपी नगर ने ऐसे आरोपों को खारिज कर दिया है। वहीं, विशेश्वरगंज थानाध्यक्ष एएसपी व सीओ को घटना की जानकारी देने के बजाय छिपाते रहे। इससे स्पष्ट होता है कि थानाध्यक्ष ने मामले को छुपाने के लिए आखिरी समय तक प्रयास किया।
थानाध्यक्ष से बात करने पर पता चला है कि रात में लूट की घटना हुई है। पीड़ित ने तहरीर नहीं दी थी जिसके चलते मुकदमा नहीं दर्ज हो सका। पीड़ित की तहरीर पर लूट का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पीड़ित ने स्वयं जिला अस्पताल जाने से इंकार किया। थानाध्यक्ष को मामले की जांचकर घटना का खुलासा करने का निर्देश दिया गया है।
- कुंवर ज्ञानंजय सिंह, एएसपी नगर, बहराइच