बहराइच। जनपद में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन के लिए जियो टैगिंग के आधार पर 104 परीक्षा केंद्रों का निर्धारण किया गया है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के बाद परीक्षा केंद्र बनाए गए विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों ने नकल विहीन व शुचितापूर्ण तरीके से परीक्षाओं के आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट कक्षाओं की बोर्ड परीक्षा में जिले के 52 हजार परीक्षार्थी सम्मिलित होंगे।
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में इस बार जियो टैंगिंग तकनीकी का प्रयोग किया गया है। जिससे परीक्षार्थियों को अधिक दूरी तय कर परीक्षा केंद्रों तक न जाना पड़े। एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय की दूरी को देखते हुए नजदीकी विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसका प्रमुख लाभ ग्रामीण अंचलों में निवासरत बालिकाओं को होगा। उन्हें परीक्षा देने के लिए अधिक दूरी निर्धारित नहीं करनी पड़ेगी। बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा बीते 10 जनवरी को जनपद के 92 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र निर्धारित करते हुए सूची जारी की गई थी। जिस पर आपत्ति व्यक्त करने की तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई थी। परिषद की ओर से जारी सूची पर 50 से अधिक विद्यालयों की ओर से आपत्तियां व्यक्त करते हुए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में धांधली बरते जाने की बात कही गई थी।
जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने सभी तहसीलों के एसडीएम को सभी विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कर जांच रिपोर्ट 20 जनवरी को सौंपे जाने के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिला परीक्षा निर्धारण समिति द्वारा कुल 104 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजा गया था। विभागीय कर्मियों के अनुसार परीक्षा केंद्रों की सूची माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड हो चुकी है। परिषद के अधिकारियों की एक आवश्यक बैठक के कारण सूची जारी नहीं हुई है। देर रात अथवा बुधवार की सुबह सूची जारी कर दी जाएगी।
परीक्षा केंद्रों का निर्धारण जिया टैंगिंग के आधार पर किया गया है। जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक रूप से दूरी न तय करनी पड़े। जियो टैंगिंग के माध्यम से एक निश्चित परिधि के भीतर विद्यालयों की दूरी को देखते हुए परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
डॉ. चंद्रपाल, डीआईओएस, बहराइच।