बहराइच। दहेज उत्पीड़न व पत्नी की हत्या में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अभियुक्त को 10 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की रकम अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
एडीजीसी फिरोज अहमद खान ने बताया कि जनपद गोंडा के करनैलगंज थाना क्षेत्र स्थित विशुनपुर गांव निवासी मनीराम ने हुजूरपुर थानाध्यक्ष को तहरीर देकर कहा था कि उनकी पुत्री तारा का विवाह थाना क्षेत्र के ग्राम नजरुपुरवा निवासी लल्लन के साथ हुआ था। विवाह के पांच वर्ष हो गए थे। नौ जुलाई, 2012 को पिता को सूचना मिली कि बेटी को पति ने काफी मारापीटा था। सूचना पर पिता बेटी के ससुराल पहुंचा, लेकिन वहां बेटी मृत मिली। एडीजीसी खान ने बताया कि पुलिस ने मामले में दहेज उत्पीड़न, हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना कर चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की थी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी नितिन पांडेय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजीसी खान ने बताया कि न्यायाधीश ने 10 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है।