बहराइच। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय द्वारा 20 जनवरी से वार्षिक परीक्षाओं के आयोजन की घोषणा की गई थी। तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के दौरान परीक्षाएं आयोजित होने से छात्र-छात्राएं, अभिभावक व महाविद्यालयों के प्राचार्य चिंतित नजर आ रहे थे। इस समाचार को अमर उजाला ने 16 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिस पर कई महाविद्यालयों में प्राचार्यों द्वारा विश्वविद्यालय से परीक्षाएं स्थगित करने का अनुरोध किया गया था।
इसे देखते हुए परीक्षाएं अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गईं हैं। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की ओर से वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 20 जनवरी से 18 फरवरी तक किया जाना था। तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के मध्य परीक्षाओं के आयोजन से छात्र-छात्राएं व उनके अभिभावक खासे परेशान नजर आ रहे थे। साथ ही परीक्षाओं का आयोजन करने वाले महाविद्यालयों के प्राचार्यों व प्रबंधकों के माथे पर भी चिंता की लकीरें देखी जा रहीं थीं।
विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षाओं के आयोजन की घोषणा के बाद से ही जनपद में संचालित 36 महाविद्यालय परीक्षाओं के आयोजन की तैयारियों में जुटे थे। प्रतिदिन बढ़ रहे कोरोना के ग्राफ को देखते हुए छात्र-छात्राएं व अभिभावक भी मन ही मन परीक्षाओं के स्थगित होने की कामना कर रहे थे। सोमवार की शाम विश्वविद्यालय द्वारा वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का आदेश सभी महाविद्यालयों को भेज दिया गया। केडीसी के सचिव मेजर एसपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का यह निर्णय स्वागत योग्य है।