बहराइच। विधानसभा चुनाव 2022 की तिथियों की घोषणा हो गई है। तिथि घोषणा के साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है, जिसके तहत अब सभी कार्यों की यथास्थिति बनी रहेगी। मसलन जो कार्य शुरू हो गए हैं वे जारी रहेंगे और जो कार्य किसी कारणवश आरंभ नहीं हुए थे वे चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने व नई सरकार बनने तक रुके रहेंगे। आचार संहिता लागू होने से जिले में अरबों के विकास कार्य प्रभावित हो गए हैं। अब अगले तीन महीने तक ये कार्य रुके रहेंगे और चुनाव संपन्न होने के बाद इन्हें कराया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न मार्गों का निर्माण व पुनर्निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इसके लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है, लेकिन किन्हीं कारणवश विभाग की ओर से कार्य शुरू नहीं करवाया गया था। चुनाव आचार संहिता लागू होने से लोक निर्माण विभाग के ऐसे सभी कार्य अब रुके रहेंगे। इनमें 562 लाख की लागत की राज्य योजना से सरयू नदी के मेटरिया घाट पर लघु सेतु व पहुंच मार्ग, 248 लाख की लागत के मांझा दरिया खुर्द संपर्क मार्ग पर आरसीसी व पुलिया कार्य, 247 लाख लागत के मरौची-बौंडी मार्ग पर कोडरी चौराहे के पास पट्टी पाठकपुरवा से डोकरी तक संपर्क मार्ग का नवनिर्माण, 262 लाख की लागत से मरौचा-बौंडी मार्ग पर नौशहरा चौराहे से बेहड़ा संपर्क मार्ग का नवनिर्माण कार्य आदि प्रमुख हैं।
उत्तर प्रदेश सहकारी विधायन एवं शीतगृह संघ लिमिटेड (पैक्सफेड) की ओर से पूर्वांचल विकास निधि के तहत हुजूरपुर के करमुल्लापुर में इंटरलॉकिंग, ग्राम पंचायत कारीकोट, गायघाट, अड़गोडवा व भोपतपुर में इंटरलॉकिंग का कार्य, ग्राम पंचायत कटिलिया में खड़ंजा व नाली, परसा खरगमन में इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण कार्य स्वीकृत है। टेंडर प्रक्रिया में है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन के तहत ग्राम पंचायत मल्लापुर में सुविधा केंद्र व बिछला में तकनीकी ज्ञान केंद्र के कार्य की टेंडर प्रक्रिया में लटकी है। आचार संहिता लागू होने से ये सभी काम प्रभावित रहेंगे।
राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से मिहींपुरवा के एसएसबी कैंप के पास 45 लाख की लागत से पुलिया निर्माण व फखरपुर के अचौलिया में 120 लाख की लागत से वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है। सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के रेवली-आदमपुर तटबंध पर 208 लाख व बेलहा-बेहरौली तटबंध पर 354.55 लाख लागत का कार्य भी फंस गया है। साथ ही गोकुलपुर में 46.44 लाख की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का कार्य भी प्रारंभ नहीं हुआ है। फखरपुर में 216.83 लाख की लागत से प्रस्तावित छात्रावास निर्माण का कार्य भी प्रारंभ नहीं हुआ है।
चित्तौरा (बहराइच)। जिले की अस्मिता के प्रतीक माने जाने वाले महाराजा सुहेलदेव स्मृति स्थल पर बदलाव शुरू कर दिया गया है। कार्यदायी संस्था ने पहला गुंबद बनाकर खड़ा कर दिया है। झील के किनारे पत्थरों से घाटों का निर्माण शुरू किया गया है। शानदार प्रवेश द्वार बनाया जा रहा है। गुंबद की पहली तस्वीर जिले में वायरल होने के बाद स्मृति स्थल चर्चा का विषय बन गया है।
16 फरवरी, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से महाराजा सुहेलदेव स्मृति स्थल को भव्य स्वरूप देने के लिए उद्घाटन किया था। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्मृति स्थल पर मौजूद थे। 37 करोड़ 84 लाख रुपये सरकार ने इस परियोजना के लिए जारी किए थे। सीएंडडीएस को कार्यदायी संस्था बनाया गया था। कार्यदायी संस्था ने स्मृति स्थल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। पहला भव्य गुंबद बनाकर खड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यहां ओपेन स्टेज मीटिंग हॉल, ओपेन थिएटर, 200 मीटर रनिंग घाट, पाथवे, पार्किंग, भव्य प्रवेश द्वार व परिसर में प्लांटेशन का कार्य होना है। चार सूइट के वीवीआईपी गेस्टहाउस और डॉरमेट्री का निर्माण भी होना है।
झील के किनारे घाटों का निर्माण शुरू हो गया है। बाहरी पत्थरों से नक्काशी की जा रही है। भविष्य में झील की सफाई भी की जाएगी। महाराजा की प्रतिमा के चारों तरफ जेसीबी लगाकर स्थान खाली कराया जा रहा है। पहले से लगे पेड़-पौधों को तदनुरूप ही रखा जाएगा। भव्य द्वार का निर्माण भी 50 फीसदी पूर्ण कर लिया गया है। बाउंड्रीवाल का निर्माण भी शुरू किया जा रहा है। जिले में शौर्य की गाथा लिखने वाले महाराजा के स्मृति स्थल का उद्धार होने के बाद यहां पर पर्यटन भी बढ़ेगा। गुणवत्ता में कोई कमी न हो इसके लिए अधिकारी प्रतिदिन सैंपलिंग भी करा रहे हैं।