बहराइच। हुजूरपुर पुलिस जातीय हिंसा पर काबू नहीं कर पा रही है। यही नहीं मारपीट की घटनाएं भी ताबड़तोड़ जारी हैं। बेखौफ अपराधी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। एक हफ्ते में एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत तीन मामले दर्ज हुए हैं। यह अलग बात है कि बवाल होने के बाद पुलिस मामला दर्ज कर कार्रवाई करने का कोरम पूरा कर रही है। यही नहीं हर तीसरे दिन मारपीट होना इस थाना क्षेत्र में आम बात हो गई है। आलम यह है कि एक हफ्ते में नौ मामले सिर्फ मारपीट के दर्ज हो रहे हैं। जाहिर सी बात है कि पुलिस की मुस्तैदी इस थाना क्षेत्र में नहीं दिखाई पड़ रही है।
हुजूरपुर निवासी बेचैन गौतम पुत्र हरीनाम की तहरीर पर थाने में दर्ज मामले के मुताबिक वह अपने साथी संतोष यादव के साथ कार्य निपटाकर घर की ओर लौट रहा था कि रायगढ़ बेहड़ा के पास नकौड़ा थाना फखरपुर निवासी इनामुद्दीन पुत्र भगोले के साथ दो अन्य लोगों ने बहुत मारा-पीटा तथा जातिसूचक शब्द कहे। पूरे शरीर में गंभीर चोटें आईं हैं। पुलिस ने एक दिसंबर को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एक पुराने मुकदमे की रंजिश को लेकर हुजूरपुर निवासी सुंदरी देवी पत्नी सरयू प्रसाद ने चंद्रभान सिंह, विजय भान सिंह, धीरज सिंह, पवन सिंह, श्रवण सिंह, सतीश सिंह व मनोज सिंह के खिलाफ तीन दिसंबर को एससी/एसटी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी मनोज सिंह ग्राम प्रधान हैं और सुलह का दबाव बना रहे हैं। नहीं मानने पर घर उजाड़ देने तक की धमकी दे डाली।
सुग्रीव पुष्कर पुत्र शिवप्रसाद निवासी भग्गड़वा को यहीं के निवासी मौसम, शाहरुख, मोईस, जाहिव आदि ने खूब पीटा। आरोपियों ने गाली-गलौच भी की। हुजूरपुर थाना पुलिस ने छह दिसंबर को एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया है।
थाने में कोई भी पीड़ित आएगा तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में हिंसा या मारपीट जैसी घटना न हो इसके लिए थानाध्यक्षों को गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की पहली प्राथमिकता यही रहती है कि थाने पर आने वाले पीड़ितों की समस्या सुनकर न्याय दिलाया जाए।
- कुंवर ज्ञानंजय सिंह, एएसपी नगर, बहराइच