बहराइच। विदेशों में फैले कोरोना के नए वैरियंट को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। अस्पताल में तैयारियों जोरों पर है। मेडिकल कॉलेज में 90 फीसदी तैयारी पूरी कर ली गई है। तैयारियों की स्थिति देखकर यह महसूस होता है कि नया वैरिएंट बहुत ही खतरनाक है। तैयारियों की समीक्षा के लिए जल्द ही मॉकड्रिल भी कराया जाएगा। जिससे अगर कोई मरीज मिलता है तो आसानी से उसका इलाज किया जाए और लोगों को परेशानी न हो।
कोरोना की पहली लहर ने लोगों को परेशान किया तो दूसरी लहर ने कई अपनों को छीन लिया। दो लहरों को देखने के बाद अब कोरोना के नये वैरिएंट ओमीक्रोन के संक्रमण से बचाव के लिए पहले से तैयारियां शुरू कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज के न्यू बिल्डिंग में 100 बेड आरक्षित कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर 180 बेड और बढ़ा दिया जाएगा। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की समस्या को देखते हुए इस बार पहले से ही तैयारी शुरू कर दी गई है।
मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑक्सीजन के पांच प्लांट लगाए गए हैं। जो एक मिनट में लगभग 1900 लीटर ऑक्सीजन मिलेगा। कोरोना के नये वैरिएंट ओमीक्रोन से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। चिकित्सकों को जिम्मेदारियां भी दे दी गई है। समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग व जिले के मुखिया जिलाधिकारी बैठक कर तैयारियों का जायजा ले रहे है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि तैयारियां पूरी कर ली जा चुकी है। युद्व स्तर पर लड़ाई लड़कर इस वायरस पर भी जीत हासिल करेंगी। मेडिकल कॉलेज में पहले से की जा चुकी तैयारियों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि वैरिएंट ओमीक्रोन काफी भयावह होगा।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमीक्रोन काफी तेज फैलेगा। सबसे ज्यादा खतरा 25 साल से कम लोगों के लिए है। इस वायरस में इंफेक्शन बढ़ाने की क्षमता अधिक है। बचाव बहुत जरूरी है।
बच्चों के लिए 50 बेड
बड़ो के लिए 20 बेड
रिजर्व में रहेगा 20 बेड
न्यूनेट वार्ड के लिए 10 बेड
पांच प्लांट में इस प्रकार मिलेगा ऑक्सीजन
900 लीटर प्रति मिनट
665 लीटर प्रति मिनट
200 लीटर प्रति मिनट
150 लीटर प्रति मिनट
45 लीटर प्रति मिनट
वेंटीलेटर की संख्या - 117
ऑक्सीजन कंसंट्रेटर - 59
जंबो सिलेंडर - 630
छोटे सिलेंडर - 25
कोरोना के नये वैरिएंट ओमीक्रोन को देखते हुए तैयारियां पूरी कर ली गई है। मॉक ड्रिल भी कराया जा चुका है। बड़े पैमाने पर एक और मॉकड्रिल कराया जाएगा। सभी लोगों से अपील की जा रही है कि सुरक्षा बहुत जरूरी है। ऐसे में मास्क व दो गज की दूरी बहुत जरूरी है। 25 से कम आयु के लिए खतरा ज्यादा बना रहेगा।
डॉ. ओपी पांडेय, सीएमएस