बिछिया (बहराइच)। खेत में काम कर रहे किसान पर जंगल से निकल कर बाघ ने हमला कर दिया। पास में काम कर रहे किसानों ने बचाने के लिए हांका लगाया, लेकिन तब तक बाघ किसान को मौत के घाट उतार चुका था। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस व वन विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
कतर्नियाघाट रेंज की सीमा से लखीमपुर जनपद के नॉर्थ खीरी रेंज बेलरायां का हिस्सा सटा हुआ है। तिकुनिया थाना क्षेत्र के दुमेड़ा गांव निवासी 40 वर्षीय राममूर्ति पुत्र बिरजू शनिवार दोपहर करीब दो बजे खेत में गन्ने की पत्ती छील रहे थे तभी अचानक जंगल से निकलकर बाघ पहुंचा और हमला कर दिया। जब तक किसान कुछ समझ पाता तब तक बाघ उसे दबोच चुका था। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण हांका लगाते हुए दौड़े तो बाघ जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक किसान की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
बाघ के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण घरों से अकेले बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। वन विभाग की टीम ने भी ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों को समूह में निकलने की सलाह दी है।
किसान की मौत का मामला लखीमपुर खीरी का है। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग से सटा होने के कारण बॉर्डर पर गश्त बढ़ा दिया गया है। कतर्नियाघाट के रेंजर रामकुमार के नेतृत्व में वन रक्षक मोहरनाथ मिश्रा, वाचर अवधेश कुमार रावत व रामनाथ की टीम बनाकर गश्त के निर्देश दिए गए हैं।
- आकाशदीप बधावन, डीएफओ, कतर्नियाघाट