कैसरगंज (बहराइच)। कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र में कट्टे के बल पर ओला कार लूटने वाले गैंग का पुलिस व सर्विलांस टीम ने खुलासा कर दिया। पुलिस टीम ने लूटकांड के दो आरोपियों को पकड़ा और मुकदमे में नामजद करते हुए जेल भेज दिया। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी लखनऊ पुलिस अन्य घटनाओं में कर जेल भेज चुकी है।
बीते दो अक्तूबर को राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर थाना क्षेत्र के तपोवन नगर निवासी राघवेंद्र यादव ओला कैब की आर्टिका कार बुकिंग पर बहराइच ला रहे थे। कार में सवार लोगों ने कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र के चंदन कोडरी गांव के पास कट्टे के बल पर चालक को फेंककर कार लूट ली। तत्कालीन कोतवाल मधुपनाथ मिश्रा घटना का खुलासा करने में फेल रहे। एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने घटना का खुलासा करने के लिए सर्विलांस प्रभारी निखिल श्रीवास्तव व कैसरगंज कोतवाल श्रीधर पाठक को टीम के साथ लगाया। मुखबिर की सूचना व सर्विलांस की मदद से बुधवार सुबह जरवलरोड बस अड्डे के पास से दो आरोपियों को दबोच लिया।
एएसपी नगर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान बलरामपुर जिले में गौरा थाना क्षेत्र के गौरा बाजार निवासी बिंदुलाल व गोंडा जिले में धानेपुर थाना क्षेत्र के बहरेकुआ गांव निवासी शिवम के रूप में हुई। दोनों ने पूछताछ में घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। एएसपी ने बताया कि लूटकांड के मुख्य आरोपी धानेपुर थाना क्षेत्र के बहरेकुआ गांव निवासी विष्णु प्रताप सिंह को लखनऊ की मोहनलालगंज पुलिस ने तमंचा व लूट के मोबाइल के साथ गिरफ्तार किया है। लूटी गई ओला कार बीते पांच नवंबर को ओड़ाझार थाना देहात कोतवाली से बरामद की जा चुकी है। एएसपी ने बताया कि पकड़े गए लुटेरों को जेल भेज दिया गया है। टीम में कैसरगंज कोतवाली के वरिष्ठ एसआई जीतेंद्र कुमार सिंह, एसआई जीतेंद्र वर्मा, सिपाही श्याम सुंदर, आलोक विक्रम सिंह, सुनील मिश्रा व एसओजी टीम के एसआई मुकेश सिंह, ज्ञान बहादुर सिंह, सुनील यादव आदि शामिल रहे।